नई दिल्ली 2 अक्टूबर। कश्मीर घाटी में आतंकवाद को बढ़ावा देने के मामले में NIA को हुर्रियत नेताओं के खिलाफ पुख्ता सबूत मिल गए हैं। बताया गया है कि अब इन पुख्ता सबूतों के आधार पर एनआईए हुर्रियत नेताओं पर शिकंजा कस सकेगी।
क्या है ‘पुख्ता सबूत’
दरअसल टेरर फंडिंग मामले में अभी तक गिरफ्तार किए गए लोगों ने कई अहम सबूत एनआईए को मुहैया कराए हैं। इसके साथ ही आरोपियों ने अपने बयान भी दर्ज करा दिए है, जिनमें बताया गया है कि हुर्रियत नेताओं ने घाटी में हिंसा फैलाने के लिए पाकिस्तान से पैसे लिए हैं। वहीं एनआईए के हाथ कुछ ऐसे अहम दस्तावेज भी लगे है, जिनके आधार पर हुर्रियत नेताओं पर कारवाई करने में आसानी होगी।
एनआईए जांच में पता चला है कि कश्मीर घाटी में हिंसा कराने में नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास से भी मदद की जाती रही है। फिलहाल एनआईए हुर्रियत के बडे़ नेताओं सैयद अहमद शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारुख और यासीन मलिक से पूछताछ कर सकती है, जिसके बाद इस मामले में नए खुलासे होने की उम्मीद है।







