बीईंग रिसपान्सिबल: सीनियर सिटिजंस के चेहरों पर लाएगी मुस्कान, अतुल मलिकराम की अनूठी पहल
इंदौर, 2 अक्टूबर। उत्तरी भारत की सबसे प्रमुख कम्पनी पीआर 24×7 के साथ ही अन्य क्षेत्रो में कम्पनीयो का सफलता से संचालन करने वाले अतुल मलिकराम का मन सबसे पहले लोगो की दुख तकलीफ व अभावों से आंदोलित होता है। दुःख के अंधेरो में प्रकाश की किरण बनकर अभावों में भाव भारने के लिए जरुरतमंदो तक सीधे सहायता पहुंचाना अतुल का पसंदीदा काम है। निःस्वार्थ सेवा के ऐसे कितने ही काम करने वाले अतुल के मन में वरिष्टजनो की तकलीफो के लिए भी पीड़ा है। र्बीइंग रिसपान्सिबल नामक संस्था के द्वारा वरिष्ठ जनों के प्रति समाज के उत्तरदायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।
पर पीड़ा से छलक उठे मन, यह छलकन ही गंगा जल हैं
दुःख हरने को पुलक उठे मन, यह पुलकन ही तुलसीदल हैं।
वरिष्ट नागरिकों के अकेलेपन, उम्र की समस्याओं व सामाजिक तथा पारिवारिक तकलीफो ने अतुल के मन को झकझोर दिया। बीईंग रिसपान्सिबल के द्वारा एक डे केयर सेन्टर आरंभ किया जहां उम्र की ढलान पर चल रहें लोग इकट्ठा होते है अपने हम उम्र लोगों के साथ समय बिताते हुए गपशप करते है इनडोर व हल्के फुल्के आउटडोर गेम्स का आंनद लेते हैं कम्प्युटर व मोबाइल चलाना सीखते है और इनके बारे में और अधिक जानकारी लेते रहते हैं। रोचकता बनाए रखने के लिए प्रतिदिन छोटे-छोटे विविध कार्यक्रम करते है साथ में जन्मदिन मनाकर खुशियों को आपस में बाट लेते है यहां कोई अपने दुःख का रोना-रोने का प्रयास नहीं करते हैं। सभी साधन सम्पन्न लोग है उन्हें सिर्फ जीवन की एकरसता व बोरियत दूर करने के लिए हम उम्र व्यक्तियों का साथ व समय चाहिए। स्टाफ का एक व्यक्ति इस सेन्टर पर जाकर व्यवस्थाए देखने व कम्प्युटर वगेरा सीखाने का काम करता है।

बहुत से वृदजन ऐसे भी है जिनको परिस्थिती वंश घर परिवार का साथ नसीब नहीं है और उनके पास जीवन यापन के लिए सुविधाएं भी नहीं है उनके लिए अतुल ने ओल्ड एज होम बनाया है। यहां पर ऐसे वृद्धजन रहते हैं जिनके पास साधन नहीं हैं और परिजन भी नहीं रखते हैं। इस ओल्ड एज होम में उनके लिए सुविधा युक्त आवास के साथ खान-पान व दवाई की पूरी व्यवस्था है और हम उम्र लोगों का साथ है।
सेवा के इस सफर में एक कदम आगे बढ़ाते हुए अतुल ने एक नया प्रोजेक्ट आरंभ किया है जिस पर काम चल रहा है। एक सुविधा युक्त सशुल्क वृद्ध निवास बना रहे हैं। जिनके बच्चे नहीं है या विदेशो में डालर के आर्कषण में डूबें है उन माता-पिता के लिए ऐसे घर बन रहे हैं। जहां भोजन चिकित्सा, कार ड्राइवर, नर्स व अन्य कार्या के लिए व्यक्तिगत सहायक जैसी सुविधाएं सशुल्क उपलब्ध रहेंगी। सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम होंगे। इंदौर में यह आवास योजना शीघ्र ही प्रारम्भ हो जाएगी।
अतुल के मन की संवेदनाओं का अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में कैफे भड़ास के शुभारंभ के अवसर पर आगन्तुको से निमंत्रण के साथ ही अनुरोध किया था कि वे बुके या उपहार बिल्कुल ना लाए हो सके तो कापी पेन-पेन्सिल लेकर आए। स्नेहीजनो ने उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए यह सामग्री भेट की जो जरुरतमंद विद्यार्थियों को प्रदान की गई।
वास्तव में सेवा तो सभी को करनी चाहिए: अतुल मालिकराम

इस बारे में अतुल मालिकराम जी कहना है कि वास्तव में देखा जाए तो सेवा तो सभी को करनी चाहिए। भारत में ऐसे बहुत से वृद्ध माता -पिता है जिन्हे आखिरी समय में सेवा की सख्त जरूरत है इसलिए मेरा एक उद्शेय है कि मै इन सीनियर सिटिजंस के लिए एक कॉलोनी बनाऊ जो सिर्फ सीनियर सिटिजंस के लिए ही हो।
मैंने यह भी महसूस किया कि जिनके लड़के और लड़कियां बाहर रह कर नौकरी एवं व्ययसाये करते है और उनका कभी कभार ही अपने देश आना हो पाता है और वह अपने माता -पिता और सगे-सम्बन्धियों की उचित देख -भाल नहीं कर पाते है, इसलिए मैं चाहता था कि उनके लिए एक कॉलोनी बनाऊं जिसमें उनको सम्पूर्ण सुविधाएँ मिले जैसे फूडिंग, लॉजिंग, मेडिकल, गेमिंग इंडोर एंड आउटडोर गेमिंग की सुविधाएँ उपलब्ध हो जिससे वह अपने हर प्रकार के तनाव को दूर कर सके और फिर हमारी संस्था बीइंग रेस्पांसिबल का उद्शेय भी यही है कि हर सीनियर सिटिजंस के चेहरे पर मुस्कराहट।
इस सपने को सही मायने में पूरा करने के लिए मैंने इंदौर मे ही ढाई एकड़ ज़मीन ली है जिसमें मै सीनियर सिटिजंस के लिए एक कॉलोनी बनाऊंगा जिसमें 60 मकान फ्री होंगे और 30 मकान पेड होंगे और यह सभी केवल सीनियर सिटिजंस के लिए ही होंगे और किसी के लिए नहीं। इसके लिए हमारी संस्था बीइंग रेस्पांसिबल के तहत हम इस प्रोजेक्ट पर बहुत तेजी से काम कर रहे है जिसे हम 2019 तक पूरा कर लेंगे और शीघ्र ही सीनियर सिटिजंस को कॉलोनी में बसा कर उनको सम्मान के साथ उसमे आसरा देंगें।






