कसौंधन वैश्य समाज के दानवीर महामारी के खिलाफ़ एकजुट होकर कर रहे लोगों की मदद
- राहुल कुमार
लखनऊ, 18 अप्रैल, 2020: राजनीति से दूर..दिखावे से दूर..अपने मानवीय कर्तव्यों व भारतीय नागरिक के कर्तव्यों का पालन करने वालों की संख्या जरूर बहुत अधिक नहीं है किंतु कम भी नहीं है। ऐसे लोग मानव वेष में जरूर फ़रिश्ते का रूप होते हैं जो जहाँ भी रहेंगे वहाँ मददगारों की तरह मदद करते नज़र आयेंगे। इनकी आत्मा को तो एक ही मंत्र भाया हुआ है और ऐसे लोग इसी धुन में जीते हुए मानवता को सिद्ध कर रहे हैं।
”परहित सरिस धर्म नहिं भाई ।
पर पीड़ा सम नहिं अघमाई ।।”
‘परहित’ अर्थात् परोपकार को मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म बताया है । वहीं दूसरी ओर दूसरों को कष्ट पहुँचाने से बड़ा कोई अधर्म नहीं है। परोपकार ही वह महान गुण है जो मानव को इस सृष्टि के अन्य जीवों से उसे अलग करता है और सभी में श्रेष्ठता प्रदान करता है। इस गुण के अभाव में तो मनुष्य भी पशु की ही भाँति होता।

आज के अर्थयुग और भौमंडलीकरण में तो मानुष में मानुजता की कमी आयी है। अभी तक तो यही दिखता आया है लेकिन विश्वव्यापी विपदा के तांडव करते ही कई और लोगों में भी मानुजता ने जन्म लिया। मानव, मानव की मदद के लिये दिनरात एक कर रहा है। यह आध्यात्मिक भूमि का ही प्रभाव है की भारत में मददगारों का विशाल समूह गरीबों और वंचितों की मदद में लगा हुआ है।

देश के कोने-कोने में मदद के लिये मध्यवर्गीय व निम्न मध्यवर्गीय व्यापारी भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहा है। जिन्हें अभी खुद के लिये कुछ भविष्य समझ नहीं आ रहा है, वो बेचारे सब एकजुट होकर थोड़े-थोड़े प्रयास से एक शानदार काम कर देश व समाज में एक मिसाल कायम कर रहे हैं। यही तो परोपकार की असली परीक्षा है। ‘एकता में शक्ति’ है व ‘बूँद-बूँद से घड़ा भरता है’ कि कहावत को चरित्रार्थ कर रहे हैं। ऐसी व्यवस्थाएं संभवतः देश के कोने-कोने में चल रही हैं। हमारे प्रदेश समेत देश में भी कई व्यापारी वर्ग के लोगों ने लॉकडाउन प्रथम के प्रथम दिन से ही लगातार जरूरतमंद लोगों को राशन व मदद सामग्री प्रदान कर रहे हैं। साथ ही शुद्ध रसोई में तैयार शुद्ध खाने का भी इंतेजाम कर लोगों तक पहुँचाने का काम कर रहे हैं। और सबसे बड़ी बात यह कि यह लोग मीडिया में छपने से भी परहेज कर रहे हैं। इन्हें नाम नहीं चाहिए। इनकी लगातार सेवा को देखते हुए, मेरे बहुत आग्रह करने पर इन्हीं में से कुछ लोगों ने अनुमति दी कि ठीक है आप इतना आग्रह कर रहे हैं तो आप खबर लिख सकते हैं। मेरे समझाने पर कि यह सकारात्मक खबरें हैं और कई लोग भी प्रेरित होंगे जिससे और लोगों का भला होगा। तब जाकर कहीं बात बनी। इस विपदा काल में ऐसे मनीषियों को ह्रदय तल से आभार है।

इनमें से कई ऐसे भी हैं जो सरकारी आपदा कोष में बहुत दान करने के बाद भी स्वैच्छिक रूप से लोगों की मदद में लगे हैं। इनमें से बहुत लोगों की हौसला आफ़जाई करने के लिये प्रशासन द्वारा सम्मानित भी किया गया है। अखिल भारतीय कसौंधन वैश्य महासभा के राष्ट्रीय महासचिव व यूपी प्रदेश प्रभारी के.पी.गुप्ता ने बताया कि समाज की तरफ से प्रतिदिन चिन्हित 40-50 लोगों को बना-बनाया भोजन व मदद का अन्य सामान उपलब्ध कराया जाता है। लखनऊ, सीतापुर रोड में रेलवे किनारे झुग्गी झोपड़ी वालों के लिये वो नियमित रूप से भोजन उपलब्ध करा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के बाद भी जरूरतमंदों की जरूरत का ख्याल अपनी हैसियत अनुसार जरूर रखेंगे। उन्होंने समाज के कई दानवीरों के बारे में भी बताया तथा कहा कि अपने समाज के पदाधिकारियों से भी समय-समय पर लोगों के सहयोग के तरीकों पर विचार-विमर्श चलता रहता है। समाज के राष्ट्रीय संगठन मंत्री राम प्रताप गुप्ता ने निम्न मध्य वर्ग के लिये भी मदद का आह्वान किया। जिस पर कई लोगों ने यह कार्य भी शुरू कर दिया।

बाराबंकी में अंकित वैश्य की अनवरत् समाज सेवा को देखते हुए उन्हें वहाँ जिलाधिकारी ने सम्मानित भी किया।
लखनऊ में श्री श्याम इंटर प्राईजेज व आर के इंटर प्राईजेज ने पीएम फंड केयर व यूपी सीएम आपदा राहत कोष में कुल 32 लाख 13 हजार रूपये का सहयोग किया। वहीं लखनऊ में ही राजेश गुप्ता (कसौंधन) ने कुल 41 लाख रूपये का सहयोग यूपी व केंद्र सरकार को चेक के माध्यम से किया। लखनऊ के ही अशोक गुप्ता (कसौंधन) ने युपी सरकार को चेक के माध्यम से 21 लाख 7 हजार व केंद्र सरकार को 11 लाख 6 हजार का दान किया। लखनऊ के ही राजेन्द्र गुप्ता व के.पी. गुप्ता भी व्यक्तिगत रूप से लोगों की मदद में अनवरत लगे हैं।

टांडा, अंबेडकरनगर में विधायक व उनके प्रतिनिधि श्याम बाबू गुप्ता प्रतिदिन दोनों पहर लोगों को राशन, खाना व अन्य मदद सामग्री प्रदान कर इस महामारी में मानवता का सहयोग कर रहे हैं। अयोध्या से राजेंद्र कसौंधन, बस्ती से राजेंद्र कसौंधन व उनके अन्य साथी लोगों की मदद के लिये दिनरात एक किए हुए हैं। समाज के वरिष्ठ लोगों ने अपने समाज के लोगों से अपील की है कि इस विपदा काल में अपने आसपास के जरूरतमंद लोगों की सहायता करने के साथ सरकार की गाईडलाईन का पालन जरूर करें। जिससे कोविड-19 के खिलाफ़ लड़ी जा रही जंग को आसानी से जीता जा सकता है।








