- तहस-नहस हो जाएगा सब कुछ, हो सकता है जानमाल का भारी नुकसान
- भविष्य में आने वाले भूकंप की रिएक्टर पैमाने पर तीव्रता 8 से भी हो सकती है ज्यादा
नई दिल्ली, 16 जुलाई 2018: भूगर्भीय हलचल और इसके प्रभावों का विश्लेषण करने वाले देश के चार बड़े संस्थानों ने एक अध्ययन में दावा किया है कि भविष्य में आने वाले बड़े भूकंप की तीव्रता रिएक्टर पैमाने पर 8 से भी ज्यादा हो सकती है और तब जान माल की भीषण तबाही होगी। यह अध्ययन देहरादून से वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी नेशनल जिओ फिजिक्स रिसर्च इंस्टिट्यूट हैदराबाद नेशनल सेंटर फॉर ऑफिस में स्टडी केरल और आईआईटी खड़गपुर ने किया है।
वाडिया संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिकों और जिओ फिजिक्स के प्रमुख सुशील कुमार ने मीडिया को बताया कि इस अध्ययन को पूरा करने के लिए वैज्ञानिकों ने साल 2004 से 2013 के बीच कुल 423 भूकंप का अध्ययन किया। उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि 1950 से अब तक इंडियन प्लेट और यूरेशियन प्लेट के टकराने पर घर्षण से पैदा हुए कुल ऊर्जा में भूकंप के जरिए केवल 3 में से 5% ऊर्जा ही निकलती है। इसका मतलब यह है कि आने वाले समय में 8 से ज्यादा की तीव्रता का भूकंप आने की पूरी संभावना है।
बता दें कि कांगड़ा में आए भूकंप की तीव्रता भी 7.8 मापी गई थी। जिसमे जानमाल की व्यापक तबाही हुई थी। इसके बाद 2015 में हिमालय में बसे नेपाल में 7.8 की तीव्रता से आये भूकंप ने तबाही मचाई थी। श्री कुमार बताते हैं कि उत्तर पश्चिम हिमालय क्षेत्र में इंडियन प्लेट उत्तर दिशा की तरफ खिसक रही है और यूरेशियन प्लेट के नीचे दबाव पैदा कर रही है। जिससे इस क्षेत्र में बहुत ज्यादा फ़ास्ट सिस्टम बन गए हैं जिसमें मेन सेंट्रल थ्रस्ट एंड एनसिटी मैन बाउंड्री (एनबीटी) और हिमालय फ्रंटल थ्रस्ट (एफटीटी) की प्रमुख हैं।







