- सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बिना नाम लिये बसों के मामले में कांग्रेस का किया समर्थन
- सपा अध्यक्ष ने भाजपा से मांगा उनके खुद का फिटनेस सर्टिफिकेट
Sp Vs BJP
भाजपा सरकार कोरोना संकट के साथ मजदूरों की घर पहुंचने की व्याकुलता को भी अपने राजनीतिक स्वार्थसाधन के लिए इस्तेमाल करने में संकोच नहीं कर रही है। प्रदेश में दिन रात चल रहे श्रमिकों की दुर्दशा की दर्दनाक कहानी सुनकर दिल दहल जाता है। रोज ही वे दुर्घटनाओं के शिकार होकर जानें गवां रहे हैं। इस सबसे उदासीन भाजपा सरकार ने सभी मानवीय मूल्यों को रौंद दिया है। ये बातें समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को कही।

अखिलेश यादव ने कांग्रेस द्वारा दिये जा रहे कथित बसों को नाम लिए बिना, कांग्रेस के कार्यों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह भाजपा सरकार की नौटंकी नहीं तो क्या है कि वह बहाने पर बहाने बनाकर श्रमिकों के घर पहुंचने में अवरोधक बन रही है। भूखे-प्यासे श्रमिक, महिलाएं, बच्चे भयंकर गर्मी में नारकीय यातना भोग रहे हैं। भाजपा सरकार को वस्तुतः स्वयं इस बात का फिटनेस सर्टीफिकेट देना चाहिए कि क्या वह इस बदहाली में देश-प्रदेश का शासन-प्रशासन चलाने लायक है? देश-विदेश में भारत की छवि का ढिंढ़ोरा पीटने वाले कहां है?
उन्होंने कहा कि समझ में नहीं आता कि जब सरकारी, प्राइवेट और स्कूलों की पचासों हजार बसें खड़े-खड़े धूल खा रही हैं तो प्रदेश की सरकार श्रमिकों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए इन बसों का इस्तेमाल क्यों नहीं कर रही है? सरकार की हठधर्मिता बहुत भारी पड़ रही है। जो मदद को हाथ बढ़ते हैं उनको झटक देने का अमानवीय बर्ताव भाजपा का आचरण बन गया है।
अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को पुनः निर्देश दिया है कि वे भाजपा के लोगों की बदजुबानी पर ध्यान न देकर श्रमिकों, बेहाल गरीबों की आवाज को आवाज देने से न डिगें, न भटकें। सभी समाजवादी शारीरिक दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) का पालन करें और जनता को भाजपा के कारनामों से परिचित भी कराते रहे।






