शहरों में रात 9 बजे के बाद एटीएम में नहीं लोड की जाएगी नकदी

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नई दिल्ली, 17 अगस्त 2018: सरकार द्वारा जारी एटीएम से संबंधित नियमों के अनुसार शहरी इलाकों में रात 9 बजे के बाद एटीएम में नकदी नहीं भरी जाएगी और एक कैश वैन में सिंगल ट्रिप में 5 करोड़ रुपए से अधिक नहीं रहेंगे। इसके अलावा कैश वैन पर तैनात कर्मचारियों को हमले, अपराधियों के वाहनों का पीछा करने और अन्य खतरों से निपटने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कैश ट्रांसपॉर्टेशन से जुड़े सभी कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की जांच के लिए उनका आधार वेरिफिकेशन भी कराना होगा।

नियमों में कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में शाम 6 बजे के बाद किसी एटीएम में कैश नहीं भरा जाएगा और एक एटीएम में लोड करने के लिए कैश को पिछले दिन या दिन की शुरुआत में बैंक से कलेक्ट किया जाएगा जिससे कैश भरने का काम निर्धारित समयसीमा से पहले किया जा सके।

सभी कैश वैन में जीएसएम बेस्ड ऑटो-डायलर के साथ सिक्यॉरिटी अलार्म और मोटराइज्ड सायरन लगाए जाएंगे। सिक्यॉरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विसेज (सीआईएस) के मैनेजिंग डायरेक्टर और फिक्की की प्राइवेट सिक्यॉरिटी पर कमिटी के चेयरमैन, रितुराज सिन्हा ने कहा यह निश्चित तौर पर उद्योग को बदलने वाले नियम हैं। हम इनके लिए काफी समय से इंतजार कर रहे थे।

नए नियमों से कैश लॉजिस्टिक्स सेगमेंट में सुरक्षित चलनों और ग्लोबल स्टैंडर्ड को सुनिश्चित किया जा सकेगा। सभी कैश वैन में अब सीसीटीवी, लाइव जीपीएस ट्रैकिंग और बंदूकों के साथ कम से कम दो सिक्यॉरिटी गार्ड जरूरी होंगे। सिक्यॉरिटी गार्ड की बंदूकों से दो वर्ष में कम से कम एक बार टेस्ट फायरिंग की जाएगी और इनकी बुलेट प्रत्येक दो वर्षों में बदली जाएंगी।

कैश ट्रांसपॉर्टेशन से जुड़े कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए विशेष प्रोविजन किए गए हैं। इनमें कैश वैन का वाहन में बैठे अपराधियों की ओर से पीछा करना, हमले, अपराधियों को भगाने के लिए हथियारों का इस्तेमाल करना और मुश्किल स्थिति से कैश वैन को सुरक्षित निकालने जैसी स्थितियों के लिए प्रशिक्षण शामिल होगा।
नियमों में उन कैश वॉल्ट को भी शामिल किया गया है जिनका इस्तेमाल कंपनियां कैश को एटीएम में ले जाने से पहले रखने और गिनती करने के लिए करती हैं।

इन वॉल्ट की सीसीटीवी के जरिए निगरानी की जाएगी और इन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखा जाएगा। प्राइवेट सिक्यॉरिटी एजेंसी प्रत्येक कर्मचारी की क्रेडिट हिस्ट्री की भी जांच करेगी। इससे डिफॉल्ट करने वाले लोगों को नकदी परिवहन गतिविधियों से दूर रखना सुनिश्चित किया जा सकेगा।

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