कोई शिकवा नहीं फिर मिलेंगे अखिलेश बॉय- बॉय

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समीक्षा बैठक में कहा, यादवों ने नहीं दिया बसपा को वोट

चुनाव निपटते ही यूपी में गठबंधन की कलई खुल गयी और फिर वही हुआ जिसका सबको अंदेशा था। बसपा की अध्यक्ष मायावती ने लोकसभा चुनाव में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन पर क्षोभ व्यक्त करते हुए पार्टी के पदाधिकारियों से ‘गठबंधनों’ पर निर्भर रहने के बजाए अपना संगठन मजबूत करने का निर्देश दिया है।

मायावती ने आगामी उपचुनाव भी बसपा द्वारा अपने बलबूते लड़ने की बात कह कर भविष्य में गठबंधन नहीं करने का संकेत दिया है। लोकसभा चुनाव के परिणाम की समीक्षा के लिए मायावती ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के पार्टी पदाधिकारियों और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की बैठक में कहा कि बसपा को जिन सीटों पर कामयाबी मिली उसमें सिर्फ पार्टी के परंपरागत वोटबैंक का ही योगदान रहा।

सूत्रों के अनुसार बसपा अध्यक्ष ने लोकसभा चुनाव में सपा के साथ गठबंधन के बावजूद बसपा के पक्ष में यादव वोट स्थानांतरित नहीं होने की भी बात कही है। उन्होंने विभिन्न राज्यों में विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में किए गए गठबंधन से उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं मिलने का हवाला देते हुए कहा कि अब बसपा अपना संगठन मजबूत कर खुद अपने बलबूते चुनाव लड़ेगी।

अखिलेश ने दी प्रतिक्रिया:

सपा प्रमुख ने अखिलेश यादव ने कहा कि आज लड़ाई साइकिल और फरारी के बीच हो रही है। फरारी सबसे तेज भागने वाली गाड़ी है। टीवी और मोबाइल से हो रहे घनघोर प्रचार ने लोगों के दिलोदिमाग पर असर डाला। उन्होने कहा कि यह दूसरे तरीके की लड़ाई है, जिसे हमारे लोगों को समझना होगा।

भाजपा ने दी प्रतिक्रिया:

उत्तर प्रदेश में 11 विधायकों के सांसद बनने से अब इन खाली सीटों पर शीघ्र होंगे उपचुनाव
जाति के नाम पर जो गठबंधन होते हैं, राजनीतिक गठजोड़ होते हैं, उनकी अल्पआयु होती है। एक निश्चित समय बाद वह अपना अस्तित्व खो देते हैं। उत्तर प्रदेश में अवसरवादी गठबंधन हुआ था।

– डॉ. दिनेश शर्मा, उप मुख्यमंत्री

दिल्ली स्थित बसपा कार्यालय में हुई बैठक में पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष आर एस कुशवाहा, राज्य में पार्टी के सभी विधायक, नवनिर्वाचित सांसद, प्रदेश के सभी जोनल कोऑर्डिनेटर के अलावा सभी जिला अध्यक्षों को भी बुलाया गया था।

समझा जाता है कि मायावती ने लोकसभा चुनाव में कुछ विधायकों के सांसद बनने के कारण रिक्त हुई विधानसभा सीटों पर आने वाले दिनों में होने वाले उपचुनाव भी अपने बलबूते लड़ने का पार्टी नेताओं को निर्देश दिया है। उन्होंने इस बाबत पार्टी पदाधिकारियों से उपचुनाव की तैयारियों में जुट जाने के लिए कहा। लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के 11 विधायकों के चुनाव जीतने के बाद इन सीटों पर उपचुनाव प्रस्तावित है।

बैठक में शामिल पार्टी के एक नेता ने बताया कि बसपा के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष कुशवाहा सहित किसी अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी के खिलाफ फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की गयी है। इसके उलट कुशवाहा को मध्य प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। 

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