जल संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों का डाटा बैंक बनाने पर दिया जोर
नई दिल्ली, 01 जुलाई 2019: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात में एक गंभीर मुद्दे पर दिल की बात बोलते हुए कहा कि जल बचाओ, देश बचाओ। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री, खेल, मीडिया, सामाजिक-सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों अपील करते हुए कहा कि जल संरक्षण पर आंदोलन शुरू किया जाना चाहिए।
उन्होंने पानी की समस्या से जुड़ी चुनौती से निपटने के लिए जल बचाओ, देश बचाओ की भावना के तहत लोगों से स्वच्छता आंदोलन की तरह जल संरक्षण आंदोलन चलाने और जल संरक्षण के पारंपरिक तरीकों को साझा करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने जल संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों का डाटा बैंक बनाने की भी बात कही।मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल में पहले ‘‘मन की बात’ कार्यक्रम में कहा, ‘मुझे इस बात की खुशी है कि हमारे देश के लोग उन मुद्दों के बारे में सोच रहे हैं, जो न केवल वर्तमान बल्कि भविष्य के लिए भी बड़ी चुनौती है।’’ उन्होंने जल संरक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, ‘मेरा पहला अनुरोध है – जैसे देशवासियों ने स्वच्छता को एक जन आंदोलन का रूप दे दिया, वैसे ही जल संरक्षण के लिए एक जन आंदोलन की शुरुआत करें।

’’उन्होंने कहा कि ‘देशवासियों से उनका दूसरा अनुरोध यह है कि देश में पानी के संरक्षण के लिए कई पारंपरिक तौर-तरीके सदियों से उपयोग में लाए जा रहे हैं। आप सभी से जल संरक्षण के उन पारंपरिक तरीकों को साझा करने का आग्रह करता हूं।’
जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और इस क्षेत्र में काम करने वाले हर किसी का, उनकी जो जानकारी हो, उसे आप हैशटैगजनशक्ति4जलशक्ति के साथ शेयर करें, ताकि उनका एक डाटाबेस बनाया जा सके।
पानी की एक-एक बूंद के संरक्षण के लिए जागरुकता अभियान की शुरुआत करें और इसमें पानी से जुड़ी समस्याओं और इसे बचाने के उपायों के बारे में बताएं। तमिलनाडु के वेल्लोर में सामूहिक प्रयासों के बारे में पढ़ा, जिसमें नाग नदी को पुनर्जीवित करने के लिए 20,000 महिलाएं एक साथ आई।







