- 25 करोड़ पौध रोपण का है लक्ष्य, विभागवार पौधरोपण का लक्ष्य आवंटित कर की जा रही तैयारी
- एक जुलाई से एक सप्ताह तक चलेगा वन महोत्सव, तैयारी में जुटे विभाग
2020-21 में यूपी में किये जाने वाले पौध-रोपण में सर्वाधिक पौधरोपण कराने का लक्ष्य पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को दिया गया है। यह विभाग इस वर्ष अकेले एक हजार लाख पौधे लगाएगा। इसकी तैयारी पूरी कर ली गयी है। यूपी सरकार द्वारा निर्धारित 25 करोड़ पौध रोपण के लक्ष्य को पूरा करने की तैयारी में सभी विभाग जुट गये हैं।
वन के बाद सर्वाधिक ग्राम्य विकास विभाग को 880 लाख पौधरोपण का लक्ष्य दिया गया है। वह विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों की जमीन का चिन्हींकरण का काम लगभग पूरा हो गया। कई जगह गड्ढों की खुदाई भी शुरू हो गयी है। वहीं वन विभाग के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, योजना एवं कृषि वानिकी डाक्टर प्रभाकर दूबे ने बताया कि लाक डाउन के नियमों का पालन करते हुए सभी लोग अपने-अपने कार्य में जुटे हुए हैं। शासन द्वारा दिये गये लक्ष्य को पूरा करने के लिए विभाग हर स्तर से तैयारी कर रहा है।
हमारा उद्देश्य लक्ष्य के साथ ही गुणवत्ता हासिल करना: डाक्टर प्रभाकर
डाक्टर प्रभाकर दूबे ने कहा कि हमारा उद्देश्य लक्ष्य के साथ ही गुणवत्ता को भी हासिल करना है। इसके लिए विभाग ने माइक्रो प्लान बना रखा है और एक-एक बिन्दु पर समीक्षा हो रही है। इसके साथ ही हमारे अधिकारी फील्ड में भी जाकर एक-एक बिन्दु पर चर्चा कर स्थलीय निरीक्षण में भी जुटे हुए हैं। दूसरे विभागों से भी सामन्जस्य बनाकर हम कदमताल मिलाते हुए आगे बढ़ रहे हैं।
विभागों को दिये गये लक्ष्यों के अनुसार ग्राम्य विकास विभाग को 880 लाख, कृषि विभाग को 168 लाख, उद्यान विभाग को 110.80 लाख, राजस्व विभाग को 100 लाख, नगर विकास विभाग को 25 लाख, रेल विभाग को 16 लाख, उच्च शिक्षा को 15 लाख, रेशम विभाग को 12.20 लाख, लोक निर्माण विभाग को आठ लाख, जल शक्ति व स्वास्थ्य विभाग को आठ-आठ लाख, उद्योग विभाग को छह लाख, पशुपालन, आवास विकास, गृह विभाग, रक्षा विभाग को पांच-पांच लाख, प्राविधिकी शिक्षा, सहकारिता, विद्युत विभाग को चार-चार लाख पौध रोपण का लक्ष्य है। इसके साथ ही औद्योगिकी विभाग को तीन लाख, माध्यमिक शिक्षा, बेसिक शिक्षा, श्रम व परिवहन विभाग को दो-दो लाख पौधों को लगाने का लक्ष्य दिया गया है।
पौध रोपण का कार्य एक जुलाई से सात जुलाई के बीच होगा। इसके लिए विभाग हर वर्ष की तरह वन महोत्सव मनाएगा। वन विभाग ने यह तय किया है कि एक सप्ताह के भीतर ही लक्ष्य की पूर्ति कर ली जाय।







