एक्सप्रेस वे और औद्योगिक विकास का समन्वय

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डॉ दिलीप अग्निहोत्री
उत्तर प्रदेश सरकार ने पूर्वांचल के साथ ही बुंदेलखंड खण्ड एक्सप्रेस वे निर्माण को गति देने का निर्णय किया है। प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इसमें बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस वे परियोजना के इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेन्ट एण्ड कन्सट्रक्शन पद्धति पर छः पैकेजों में क्रियान्वयन हेतु निर्माण कर्ताओं के चयन हेतु तैयार किये गये संशोधित व अंतिमीकृत आरएफक्यू कम आरएफपी बिड अभिलेखों पर अनुमोदन प्रदान कर दिया है। बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस वे परियोजना की आकलित सिविल कार्य निर्माण की कुल लागत लगभग 14849.49 करोड़ रुपये है। इस धनराशि के लिए विभिन्न बैंकों से लगभग सात हजार  करोड़ रुपये के ऋण लिया जाना प्रस्तावित है। परियोजना के लिए वांछित भूमि के लिए कुल 2202.38 करोड़ रुपये की धनराशि का आकलन किया गया है, जिसके सापेक्ष शासन द्वारा 1590 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त कर दी गयी है। भूमि क्रय के लिए अब लगभग 612 करोड़ रुपये की आवश्यकता है, जिसे बैंक से ऋण के रूप में प्राप्त किया जाना प्रस्तावित है।
परियोजना क्रियान्वयन के लिए परियोजना के छः पैकेजों हेतु पृथक-पृथक आरएफक्यू कम आरएफपी जारी कर प्राप्त बिडों के आधार पर कान्ट्रेक्टर्स का चयन किया जाएगा। सम्पूर्ण बिड प्रक्रिया में न्यूनतम पैंतालीस दिनों का समय लगता है। इस एक्सप्रेस वे के निर्माण से बुन्देलखण्ड के जनपदों के  लिए प्रदेश की राजधानी से आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे एवं यमुना एक्सप्रेस-वे के माध्यम से देश की राजधानी तक त्वरित गति की सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध होगी। एक्सप्रेस-वे के निर्माणोंपरान्त सम्पूर्ण प्रदेश में सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। इस एक्सप्रेस-वे से ईधन की महत्वपूर्ण बचत एवं प्रदूषण नियंत्रण भी सम्भव हो सकेगा।
परियोजना से आच्छादित क्षेत्रों का सामाजिक एवं आर्थिक विकास के साथ ही कृषि, वाणिज्य, पर्यटन तथा उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे विभिन्न उद्योगों की स्थापना हेतु एक उत्प्रेरक के रूप में सहायक होगा। एक्सप्रेस-वे के निकट इण्डस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, शिक्षण संस्थान, मेडिकल संस्थान आदि की स्थापना हेतु भी अवसर उपलब्ध होंगे। एक्सप्रेस वे के निर्माण में बुन्देलखण्ड क्षेत्र में पर्यटन विकास को बल मिलेगा एवं विकास से वंचित इस क्षेत्र का सर्वांगीण एवं बहुमुखी विकास सम्भव हो सकेगा। मंत्रिमंडल ने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे परियोजना के दो पैकेजों के इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेन्ट एण्ड कन्सट्रक्शन पद्वति पर क्रियान्वयन हेतु निर्माणकर्ताओं के चयन के लिए तैयार किये गये।
आरएफक्यूकम आरएफपी बिड अभिलेख को अनुमोदित कर दिया है। इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण से गोरखपुर तथा आस-पास के जनपदों के लिए प्रदेश की राजधानी तथा पूर्वान्चल एक्सप्रेस वे, आगरा लखनऊ एक्सप्रेस-वे एवं यमुना एक्सप्रेस वे के माध्यम से देश की राजधानी तक त्वरित गति की सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध होगी। परियोजना से आच्छादित क्षेत्रों का सामाजिक एवं आर्थिक विकास के साथ ही कृषि, वाणिज्य, पर्यटन तथा उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेस-वे आच्छादित क्षेत्रों में विभिन्न उत्पादक इकाइयों, विकास केन्द्रों तथा कृषि उत्पादन क्षेत्रों को प्रदेश की राजधानी एवं राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ने हेतु एक औद्योगिक काॅरिडोर के रूप में सहायक होगा। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे हैण्डलूम उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, कोल्ड स्टोरेज, भण्डारण गृह, मण्डी तथा दुग्ध आधारित उद्योगों आदि की स्थापना हेतु एक उत्प्रेरक के रूप में सहायक होगा।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के निकट इण्डस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, शिक्षण संस्थान, मेडिकल संस्थान आदि की स्थापना हेतु भी अवसर उपलब्ध होंगे। प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण से परियोजना आच्छादित क्षेत्रों के पर्यटन विकास को बल मिलेगा एवं विकास से वंचित प्रदेश के इन पूर्वी क्षेत्रों में सर्वांगीण एवं बहुमुखी विकास सम्भव हो सकेगा। इसके अलावा मंत्रिमंडल ने  डाॅ भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ में बोटैनिकल गार्डन और योग केन्द्र की स्थापना का निर्णय लिया गया।

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