- सपा की टिप्पणी को भाजपा प्रदेश प्रवक्ता चंद्रभूषण पांडेय ने बताया हास्यास्पद
- सपा ने एक चौपाई लिख योगी आदित्यनाथ से पूछा था कि कौन सा लक्षण है उनमें
सपा की योगी आदित्यानाथ पर की गयी टिप्पणी के भाजपा ने भी तल्ख तेवर अख्तियार कर लिया है और इसे पूरे संत समाज व हिन्दू धर्म का अपमान बताया। यह भी कहा कि यह कितना हास्यास्पद है कि अखिलेश किसी संत को उसकी भाषा बताएं। इसके साथ ही अखिलेश यादव से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता चंद्रभूषण पांडेय ने कहा कि सपा तुष्टिकरण की नीति के कारण अंधी हो गयी है। किसको क्या बोलना है, यह भी उसको ज्ञान नहीं रह गया है। इसी नीति के कारण विधानसभा और लोकसभा चुनावों में जनता सपा को सबक सीखा चुकी है। यदि सपा की यही चाल रही तो आने वाले विधानसभा चुनाव में शून्य पर सिमट कर रह जाएगी।
सपा द्वारा गुरुवार को किए गये ट्वीट ”संत हृदय नवनीत समाना कहा कबिन्ह परि कहै न जाना। निज परिताप द्रवइ नवनीता पर सुख द्रवहिं संत सुपुनीता” योगी जी इस चौपाई में से कोई लक्षण हैं आपके? इतना अहंकार ठीक नहीं है।” पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रवक्ता और संयोजक, सुशासन एवं केन्द्र राज्य शासकीय कार्यक्रम समन्वय विभाग चंद्रभूषण पांडेय ने कहा कि सपा को जनता से माफी मांगनी चाहिए। यह योगी के खिलाफ टिप्पणी नहीं है। यह पूरे संत समाज व हिन्दू धर्म के खिलाफ की गयी टिप्पणी है। इसे जनता कभी माफ नहीं करेगी।

उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को सीएए के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं है। वे सिर्फ लोगों को बर्गलाकर अपनी राजनीति चमकाने के फिराक में हैं। उनका पहले सीएए कानून पढ़ना चाहिए। इसके बाद उस पर टिप्पणी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि वे इस कानून को पढ़े होते तो यह नहीं कहते कि लोगों को भारत में रहने का कागज दिखाना पड़ेगा। उन्होंने पूछा कि क्या वे बता सकते हैं कि किस पैरे में कागज दिखाने की बात लिखी गयी है।







