सपाई गुंडों को जेल जाता देख घबरा गये हैं अखिलेश, दे रहे उल्ल-जुलूल बयान: भाजपा

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अखिलेश यादव का बयान “ प्रदेश में महिलाएं सुरक्षित नहीं” के जवाब में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने गिनाई सपा काल की घटनाएं, कहा, सपा के काल में महिलाओं पर अत्याचार था चरम पर, अत्याचारियों के सामने घुटने टेक देती थी पुलिस

ऐसा लगता है कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष इस बात को भूल चुके हैं कि 2012-13 में रेप की घटनाओं में पचपन फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई थी। इंदिरानगर थाना क्षेत्र स्थित चूड़ामन पुरवा में 18 जनवरी 2012 की आठ साल की मासूम बच्ची को अगवा कर बेरहमी से मारने की घटना भी अखिलेश यादव भूल चुके, जिसमें दबंगों के आगे पुलिस ने घुटने टेक दिये थे और सालों तक हत्याकांड का रहस्योद्घाटन नहीं हो सका। यह सब तो एक बानगी है। आज जब भाजपा की सरकार में पुलिस ताबड़तोड़ अपराधियों पर कार्रवाई कर रही है तो अखिलेश यादव घबरा गए हैं और सपा के गुंडों को जेल जाते देख उल्ल-जुलूल बयान दे रहे हैं। ये बातें भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने कही।

वे बुधवार को अखिलेश यादव द्वारा दिये गये बयान ‘प्रदेश में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। इसे राज्यपाल को संज्ञान लेना चाहिए।’ का जवाब गुरुवार को दे रहे थे। मनीष शुक्ला ने कहा कि अखिलेश यादव को तो अपने पिता का बयान “बच्चे हैं, बच्चों से गलतियां हो ही जाती हैं” याद ही होगा। अखिलेश यादव के मुख्यमंत्रीत्व काल में प्रदेश का कोई ऐसा कोना नहीं था, जहां महिलाओं पर अत्याचार न हुए हों। इसके साथ ही महिलाओं पर अत्याचार के बाद भी पुलिस अपराधियों के आगे घुटने टेक देती थी। आज अपराधी जेल की हवा खा रहे हैं। उनमें दहशत का माहौल है।

 

उन्होंने अखिलेश के जमाने के प्रमुख घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि 29 जुलाई को निगोहा में महिला की हत्या कर जंगल में फेंका जाना, 17 मई 2015 को पारा क्षेत्र के आश्रयहीन कालोनी में महिला की हत्या, 29 मई को 2015 को इंदिरानगर में महिला की रेप के बाद की गयी हत्या, 16 सितम्बर 2015 को राजधानी में किशोरी को पकड़कर दुराचार करना, कई दिनों बाद पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज करना आदि अखिलेश यादव भूल चुके हैं। उन्हें याद होना चाहिए कि यह सपा नहीं, भाजपा का शासन है। यहां अपराधी चाहे जो हो, उसे बख्शा नहीं जाता। पुलिस सख्ती के साथ अपराधियों से निपट रही है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार कटीबद्ध है। अब देर रात्रि को फोन करते ही महिलाओं को घर तक छोड़ने के लिए पुलिस जा रही है। यही सपा का शासन काल था, जब रेप की घटनाओं के बाद भी पुलिस अपराधियों के सामने घुटने टेक देती थी। यही कारण है कि सपा के गुंडों को जेल में जाते हुए देखकर अखिलेश यादव घबरा गये हैं।

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