लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात अचानक कानून-व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई और बढ़ते अपराधों पर अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। हालिया घटनाओं को लेकर गहरी नाराजगी जताते हुए उन्होंने साफ चेतावनी दी- “लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं होगी।”
दिनदहाड़े गोलीकांड और प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड पर भड़के CM
मुख्यमंत्री ने लखनऊ में दिनदहाड़े हुए गोलीकांड पर विशेष नाराजगी व्यक्त की। पीजीआई क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह हत्याकांड का संज्ञान लेते हुए उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और घटना के जल्द खुलासे के सख्त निर्देश दिए।
8 जिलों के अफसरों पर पड़ी गाज
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गाजियाबाद, जौनपुर, वाराणसी समेत कई जिलों के अधिकारियों को निशाने पर लिया गया। बैठक में विभूति खंड और गोमती नगर विस्तार थानों के कार्यों पर तीखे सवाल उठे।
बैठक खत्म होते ही बड़े एक्शन
- बैठक समाप्त होते ही पूर्वी जोन में तुरंत कार्रवाई शुरू हो गई:
- इंस्पेक्टर अमर सिंह (विभूति खंड) को लाइन हाजिर कर दिया गया।
- इंस्पेक्टर गोमती नगर विस्तार को भी लाइन हाजिर किया गया।
- एसीपी विभूति खंड विनय द्विवेदी को हटाया गया।
- सौम्या पांडेय को नया एसीपी विभूति खंड बनाया गया।
मुख्यमंत्री योगी ने स्पष्ट संदेश दिया कि अपराधियों पर शिकंजा कसने के साथ-साथ लापरवाह अधिकारियों पर भी जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
योगी सरकार का रुख: अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश का संकल्प अब सिर्फ शब्दों में नहीं, एक्शन में दिख रहा है।







