जेएनयू हिंसा: सभी विवि को अर्बन नक्सलियों से कराया जाय मुक्त: भाजपा

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लखनऊ, 06 जनवरी 2020: हताश और निराश राजनीतिक दल वामपंथी छात्र संगठनों के साथ मिलकर शिक्षा के मंदिरों में हिंसा के द्वारा वैचारिक आवाजों को दबाना चाहते हैं। जेएनयू के छात्र पठन-पाठन चाहते हैं। निश्चित रूप से पिछले कुछ दिनों से जेएनयू में वातावरण को विषाक्त किया गया है। अब छात्र प्रतिकार कर रहे हैं तो उसे लाठी-डंडों से दबाने का प्रयास किया जा रहा है। जेएनयू सहित सभी विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग है कि कैंपस को अर्बन नक्सलियों से मुक्त कराया जाय।

ये बातें भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने सोमवार को कही। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी बात है, विंटर सेमेस्टर में रजिस्ट्रेशन के समय वामपंथी संगठनों ने कैसे इंटरनेट को प्रभावित कर रोक दिया। छात्रों के आवाज उठाने पर वामपंथियों द्वारा पीटा गया, इसके बावजूद प्रशासन क्यों चुप रहा। विद्यार्थी परिषद द्वारा आवाज उठाने पर उन्हें भी खोज-खोजकर मारा गया। इसके बावजूद प्रशासन चुप रहा। आवश्यकता इसकी है कि इन सब पहलुओं पर विस्तृत जांच करायी जाय।

सपा-बसपा और कांग्रेस हमेशा एक-दूसरे को लड़ाकर करते आए हैं राजनीति:

उन्होंन कहा कि सपा-बसपा और कांग्रेस के नेता हमेशा एक-दूसरे को लड़ाकर राजनीति करते रहे हैं। जब भाजपा ने सभी धर्मों को मिलाकर राजनीति करना शुरू किया तो इन्हें आश्चर्य होने लगा। अब ये यह नहीं चाहते कि देश में शांति व्यवस्था बनी रहे। इस कारण ये लोग हर जगह उकसाने का प्रयास कर रहे हैं। उपद्रवियों को राजनीतिक सह दे रहे हैं, जिससे हमेशा देश में उबाल आता रहे और लोग आपस में लड़ते रहें। यदि लोग नहीं लड़ेंगे तो इनकी राजनीति ही मिट्टी में मिल जाएगी, लेकिन इन्हें यह समझना हो कि यह भाजपा की सरकार है।

भाजपा जानती है उपद्रवियों से निपटने का तरीका:

उन्होंने कहा कि यह हर गरीब तक योजनाओं को पहुंचाना जानती है तो अर्बन नक्सलियों सहित उपद्रवियों से निपटने का तरीका भी जानती है। आपस में लड़ाने वालों को तो जनता ने ही सबक सीखा दिया है और आगे भी इनकी गतिविधयों के बारे में जनता समझ रही है। उपद्रव फैलाने वालों और उनको सह देने वालों को जनता कभी माफ नहीं करेगी।

भाजपा विपक्ष के मसूंबों को नहीं होने देगी कामयाब: 

उन्होंने कहा कि भाजपा विपक्ष के मसूंबों को कभी कायम नहीं होने देगी। विपक्षी दलों को यह समझना होगा कि यह लड़ाकर राजनीति करने वालों की सरकार नहीं है। भाजपा की सुशासन वाली सरकार है। यहां सबका साथ, सबका विकास की नीति पर काम हो रहा है। यह गरीब को गरीब बनाये रखते हुए राजनीति नहीं हो रही है। यहां गरीबों तक सभी योजनाओं को पहुंचाकर काम किया जा रहा है, जहां एक तरफ विकास की धारा बह रही है, वहीं दूसरी तरफ उपद्रवियों सख्ती के साथ पेश होने का तरीका भी भाजपा अच्छी तरह जानती है। वैसा ही सीएए पर हुआ और आज अमन चैन है। विपक्ष बार-बार कोशिश कर रहा है कि आग को हवा दिया जाय लेकिन वह नाकमयाब है।यह आग लगाकर राजनीति करने वाले विपक्ष का असली चेहरा के बारे में जनता जान गयी है। इनका जवाब आने वाले चुनाव में भी देगी।

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