टीवी जगत से बॉलीवुड तक का सफर तय करने वाले अभिनेता पंकज धीर के लिए सोशल मीडिया पर फैंस ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि, बताया यादगार एक्टर
मुंबई : भारतीय टेलीविजन के इतिहास में ‘कर्ण’ का चेहरा बन चुके दिग्गज अभिनेता पंकज धीर का आज निधन हो गया। लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे 68 वर्षीय पंकज ने मुंबई के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे मनोरंजन जगत में सन्नाटा छा गया है। पंकज के बेटे निकितिन धीर (जो ‘कुर्बानियां’ और ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ जैसी फिल्मों से मशहूर हैं) और बहू क्राटिका सेंगर के अलावा पत्नी अनीता धीर भी उनके साथ थीं। अंतिम संस्कार आज शाम 4:30 बजे विले पार्ले (पश्चिम) में पवन हंस के पास होगा। सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) ने आधिकारिक बयान जारी कर शोक व्यक्त किया है।
‘महाभारत’ से घर-घर पहुंचा कर्ण का दर्द: एक्टिंग की दुनिया में अमिट छाप
पंकज धीर का जन्म 9 नवंबर 1956 को पंजाब में हुआ था। 1981 में फिल्म ‘पूनम’ से बॉलीवुड में डेब्यू करने वाले पंकज ने टीवी पर असली पहचान ‘बी.आर. चोपड़ा’ के महाभारत (1988-1990) से बनाई। कर्ण की भूमिका में उनके शानदार अभिनय ने लाखों दर्शकों के दिलों को छू लिया। कर्ण का दानवीर स्वभाव, वासवी दान की त्रासदी और योद्धा की गरिमा के साथ अपना पात्र उन्होंने इतनी गहराई से निभाया कि आज भी उनके डायलॉग्स जैसे “मैं सूर्यपुत्र कर्ण हूं” घर-घर गूंजते हैं। इतना ही नहीं, कर्ण के किरदार ने उन्हें इतना लोकप्रिय बना दिया कि कर्णल और बस्तर जैसे इलाकों में उनकी मूर्तियां मंदिरों में पूजी जाती हैं। स्कूल की किताबों में भी कर्ण की तस्वीरें उनके चेहरे से ली गईं।

महाभारत के अलावा, पंकज ने ‘चंद्रकांता’ में राजा शिवदत्त, ‘द ग्रेट मराठा’ में सदाशिवराव भाऊ, ‘ससुराल सिमर का’ में जमुना लाल द्विवेदी और ‘देवों के देव महादेव’ में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। बॉलीवुड में शाहरुख खान के साथ ‘बादशाह’ (1999), ‘सड़क’, ‘सोल्जर’ और ‘अंदाज’ जैसी फिल्मों में वे खलनायक के रूप में चमके। हाल ही में ‘ध्रुव तारा’ और ‘अजोनी’ जैसे सीरियल्स में दिखे। उन्होंने अभिनय अकादमी ‘अभिन्नय एक्टिंग एकेडमी’ भी शुरू की, जहां गुफी पेंटल जैसे सहयोगियों के साथ नई पीढ़ी को ट्रेनिंग दी।
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बता दें कि शूटिंग के दौरान दुर्घटनाओं से भी वे जूझे, महाभारत के सेट पर रथ हादसे में घायल हुए, आंख के पास तीर लगने से सर्जरी करानी पड़ी। फिर भी, उनकी जज्बा ने उन्हें कभी हार नहीं माने दिया।कैंसर की लंबी लड़ाई: कुछ महीनों पहले ही रिलैप्स हुआ था। पिछले कुछ महीनों से पंकज कैंसर से जूझ रहे थे। पहले वे इससे उबर चुके थे, लेकिन हाल ही में बीमारी ने दोबारा जोर पकड़ा। वे बार-बार अस्पताल में भर्ती हो रहे थे और मेजर सर्जरी भी करानी पड़ी। उनके करीबी दोस्त और प्रोड्यूसर अशोक पंडित ने बताया, “वे सुबह कैंसर से लड़ते हुए चल बसे। अंतिम दिनों में परिवार उनके साथ था।” उनके सह-अभिनेता अमित बेहल ने भी खबर की पुष्टि की।
शोक सभा में सितारों की श्रद्धांजलि:
‘कर्ण जैसा रोल कोई और न निभा पाएगा’ पंकज के निधन पर सोशल मीडिया पर शोक की बाढ़ आ गई। उनके प्रशंसक और सहयोगी भावुक संदेश दे रहे हैं। यूजर रवि सोनी ने X पर लिखा: “ॐ शांति। आपका अभिनय दिल पर अमिट छाप छोड़ कर जा चुका है जो हमारी पीढ़ी के रहने तक सदैव जीवंत रहेगी। जो रोल कर्ण का आपने निभाया वो शायद ही दूसरा कोई और कर पाता। ईश्वर आपकी चरणों में यथास्थान दे। ॐ शांति।।”
डॉ. पंकज कुमार ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा: “पंकज धीर बहुत अच्छे एक्टर थे। महाभारत सीरियल में कर्ण की भूमिका में शानदार अभिनय से वे काफी फेमस हुए। चंद्रकांता के साथ ही द ग्रेट मराठा में भी उन्होंने अच्छा काम किया है। वे कैंसर जैसे असाध्य रोग से पीड़ित थे। उनके निधन से टीवी सिनेमा को बड़ी क्षति हुई है। श्रद्धांजलि।”
अश्वनी यादव ने लिखा: “ॐ शांति पंकज धीर जी। Pankaj Dheer ji made my favourite character कर्ण, Immortal।” जबकि सनातनी छोरा ने पोस्ट किया: “महाभारत में कर्ण बनकर सबके दिलों में बस गए पंकज धीर अब हमारे बीच नहीं रहे…!”






