केजीएमयू और लखनऊ विवि मिलकर करेंगे जैविक शोध कार्य, एमओयू पर हुए हस्ताक्षर

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कोरोना की रोकथाम में एक साथ निभाएंगे भूमिका

लखनऊ विश्वविद्यालय और किंग जॉर्ज मेडिकल विश्वविद्यालय अब मिलकर जैविक शोध कार्य करेंगे और कोविड जैसी महामारी की रोकथाम में भी अपनी भूमिका का एक साथ निर्वहन करेंगे। इस कार्य के लिए बुधवार को दो संस्थानों ने एमओयू पर हस्ताक्षर किये। ऐसा मानना है कि यह इन उच्च शिक्षा के दो प्रमुख संस्थानों के बीच अकादमिक विनिमय व शोध और अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग का पहला उदाहरण है।

प्रो.आलोक कुमार राय, कुलपति, लखनऊ विश्वविद्यालय, प्रो. सुधीर कुमार (प्रमुख, प्राणी विज्ञान विभाग), प्रो. अरविंद मोहन (डीन एकेडमिक्स), और डॉ. शैली मलिक (प्राणी विज्ञान विभाग) लखनऊ विश्वविद्यालय की ओर से और केजीएमयू के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) बिपिन पुरी, प्रो. आर के गर्ग (संकाय प्रभारी, अनुसंधान और एमओयू सेल), प्रो. समीर मिश्रा (संकाय प्रभारी, लीगल सेल), डॉ. सिद्धार्थ अग्रवाल (सह-संकाय प्रभारी, एमओयू सेल), और समन्वयक के रूप में डॉ. अनुराग राय केजीएमयू से हस्ताक्षर कार्यक्रम के दौरान उपस्थित रहे।

लखनऊ विश्वविद्यालय और केजीएमयू के बीच यह एमओयू आपसी सहयोग के लिए बना है। यह एमओयू ऐसी संभावनाओं पर विचार और कार्य करने के लिए बना है, जिनसे आने वाले समय में चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में जीव और जैविक शोध करने के लिए दोनों संस्थानों के विद्वान सहयोग, अभिसरण और तालमेल के साथ सक्षम हो, और कोविद 19 जैसी महामारी के रोकथाम मे भूमिका निभा सके। प्रत्येक संस्थान की भूमिका एमओयू में परिभाषित कर दी गयी है। विश्वविद्यालय और केजीएमयू अनुसंधान परियोजनाओं में सहयोग को प्रोत्साहित करेंगे।

लखनऊ विश्वविद्यालय और केजीएमयू फंडिंग के लिए विभिन्न क्षेत्रों पर संयुक्त प्रस्तावों को भी तैयार करने के लिए एक दूसरे के शोधार्थी व आचार्यों को सुविधाएं प्रदान करेंगे। लखनऊ विश्वविद्यालय और केजीएमयू आपस में आवंटित अनुदानों को साझा करने के साथ-साथ तकनीकी सहयोग को भी बढ़ावा देंगे। यह एमओयू सार्वजनिक सेवा के लिए उच्च प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में राज्य के दो प्रमुख संस्थानों के बीच समन्वय और सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

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