उत्तराखण्ड में बारिश से तबाही, भूस्खलन के कारण 300 से ज्यादा सड़के बंद

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मानसून की शुरआत में हो रही उत्तराखंड में जबरदस्त बारिश से लैंडस्लाइड की वजह से जगह- जगह रास्ते बंद हो गए हैं हालत ये हो गए है की प्रशासन ने तत्त्काल राहत केंद्र खोलने निर्देश जारी कर दिए है बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ गया। जिस कारण 300 से ज्यादा सड़कें बंद हो गई हैं। बारिश ने सबसे ज्यादा मुसीबत राजधानी देहरादून में पैदा की। यहां कई इलाको में पानी में जलमग्न हो गए हैं।
बारिश के कारण केदारनाथ यात्रा दूसरे दिन भी रोकी गई। उधर, केदारनाथ हाईवे कई स्थानों पर बंद है और इसे खोलने का काम जारी है। आज भी अभी तक सोनप्रयाग और गौरीकुंड से यात्री केदारनाथ नहीं भेजे गए। दोपहर के समय केवल एक घंटे के लिए रास्ता खोला गया। वहीं, बदरीनाथ हाईवे के कई स्थानों पर बंद होने व खुलने का सिलसिला जारी है। दोपहर बाद बदरीनाथ हाईवे घोलतीर और शिवानंदी के बीच बंद हो गया था। हाईवे के दोनों तरफ यात्री फसे हुए थे। अब हाईवे खोल दिया गया है। उधर, देहरादून में मूसरी और सहारनपुर हाईवे भी भूस्खलन के कारण बंद हो गया है। देहरादून में भारी बारिश से सड़कें तालाब में तब्दील हो चुकी हैं। यहां एक आदमी की भी कीचड़ से दबकर मौत की सूचना है। देहरादून में बारिश के पानी से कई इलाके जलमग्न हैं।
टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली समेत कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है। मौसम विभाग ने बारिश और भूस्खलन को देखते हुए राज्य में अलर्ट जारी किया है।देहरादून मौसम केंद्र के निदेशक डॉ. विक्रम सिंह के अनुसार इस दौरान पहाड़ और मैदान में भारी वर्षा की संभावना है। उन्होंने यात्रियों और प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है। उत्तराखंड के कई जिलों में बीती रात से तेज बारिश हो रही है। कई नदियां उफान पर है। गंगा का जलस्तर भी बढ़ा है। ऋषिकेश में नदी के किनारे की बस्तियों को खाली कराया जा रहा है।

भारी बारिश से देहरादून में सड़कों पर बही नदियां, कई इलाके जलमग्न
जानिए क्या है जिलों का हाल
चमोली
चमोली जिले में बदरीनाथ हाईवे बंद होने और खुलने का सिलसिला चल रहा है। सुबह लामबगड़ के पास सड़क पर मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे बंद हो गया था, जिसे खोल दिया गया। चमोली जिले में इसके अलावा कई मार्ग बंद पड़े हैं।
रुद्रप्रयाग

  • रुद्रप्रयाग जनपद में मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर केदारनाथ यात्रियों को गौरीकुंड व सोनप्रयाग में रोका हुआ है। वहीं गौरीकुंड (केदारनाथ) हाईवे फाटा व मुनकुटिया में मलबा आने से बंद हो गया। पूरे जिले में हल्की बारिश हो रही है।
    उत्तरकाशी
  • उत्तरकाशी में गंगोत्री हाईवे संगलाई के पास सुबह काफी देर तक बंद रहा। यमुनोत्री हाईवे स्याना चट्टी और ओरछा बैंड के भूस्खलन से बंद हो गया है। उत्तरकाशी में भी आधा दर्जन संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। रात से भारी बारिश जारी है।
    पौड़ी
  • पौड़ी जिले में कई जगह पर सड़कें बंद हो गई हैं। सुबह से सड़कें खुलने और बंद होने का सिलसिला जारी है। अवरुद्ध मार्गों को खोलने के लिए लोनिवि कार्य कर रहा है।
    टिहरी
  • टिहरी में ऋषिकेश गंगोत्री राजमार्ग पर खाड़ी से पहले बेमुंडा गदेरा उफान पर आ गया था। यहां पानी सड़क पर बहने के कारण यातायात ठप हो गया था। अब गंगोत्री हाइवे पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। सुबह 9 बजे से हाईवे पर यातायात सुचारू हो गई है।
  • देहरादून-मसूरी मार्ग पर मलबा आने से बस फंसी, सहारनपुर हाईवे भी बंद
    ऋषिकेश
    ऋषिकेश में भी मूसलाधार बारिश गंगा सहित सहायक नदियां उफान पर हैं। चेतावनी के निशान के पार होकर गंगा बह रही है। लगातार बारिश से सड़कें गलियां जलमग्न हो गई हैं। मौसम अलर्ट को देखते हुए यहां के सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में अवकाश घोषित नहीं किया गया है। मूसलाधार बारिश के बीच अभिभावकों को अपने छोटे बच्चों को स्कूल तक पहुंचाना किसी जोखिम से कम नहीं है। डोईवाला के बुल्लावाला प्राइमरी स्कूल में पानी घुसने से बच्चे फंस गए हैं। स्कूल परिसर तालाब में तब्दील हो गया है।
    हरिद्वार और रुड़की
    हरिद्वार और रुड़की में भी सुबह से भारी बारिश हो रही है। गंगा चेतावनी निशान के करीब बह रही है। जिले के गंगा से सटे इलाको में अलर्ट जारी किया गया है। कई इलाकों में लोग गंगा में पानी बढ़ने से दहशत में है। बरसात से हरिद्वार में जगह जगह पानी भर गया है। गंगा चेतावनी के निशान से ऊपर बह रही है।

नदियों का जलस्तर बढ़ता देख पुलिस ने आस पास के लोगो को सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा

देहरादून/हरिद्वार- चन्द्रभागा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता देख ऋषिकेश पुलिस ने नदी के आस पास बसे स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की।
साथ ही बीएसएफ कैम्प मद्दोवाला में भी नदी का जलस्तर बढ़ने से खतरा होने की संभावना के चलते डोईवाला पुलिस द्वारा स्थानीय लोगो को सुरक्षित स्थानों पर भेजने के प्रयास किया गया।

इनपुट साभार: संस्कृति और उत्तराखंड से