उपभोक्ता परिषद में पावर कॉरपोरेशन से उठाई मांग कहा उच्च स्तरीय जांच हो
लखनऊ, 21 अप्रैल: उपभोक्ता परिषद का दावा है कि पूरे उत्तर प्रदेश में लगभग सभी विद्युत उपभोक्ताओं के घर में आने वाले समय में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने हैं पहले बिजली कंपनियों मे स्मार्ट मीटर का आर्डर पाए बडे उद्योगपतियों के पक्ष में भारत सरकार की गाइडलाइन के विपरीत जाकर स्मार्ट मीटर के अंदर लगने वाल प्रमुख कंपोनेंट को चीन निर्मित कंपोनेंट के आधार पर गारंटीड टेक्निकल पार्टिकुलर्स (जी0टी0पी) अनुमोदित कर दी उपभोक्ता परिषद का कहना है कि जब विरोध किया और विद्युत नियामक आयोग में याचिका लगाई गयी तो अंततः पावर कारपोरेशन के निर्देश के बाद तय हो गया कि भारत सरकार द्वारा बनाए गए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) में दी गई भारत सरकार की गाइडलाइन के हिसाब से ही मीटर के अंदर कंपोनेंट लगेंगे. जिसमें 70प्रतिसत कंपोनेंट अनिवार्य रूप से भारतीय मेक के होंगे और यह तय किया गया कि चीन निर्मित कंपोनेंट नहीं लगेंगे क्योंकि इस पर भारत सरकार की पूर्व अनुमति लिया जाना जरूरी होगा क्योंकि यह बॉर्डर एरिया के देश का मामला है।
उत्तर प्रदेश राज विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा पावर कॉरपोरेशन द्वारा जारी लिखित आदेश के बाद अब आनन फानन में सभी बिजली कंपनियों मे पुनः जी0टी0पी से चीनी कंपोनेंट को हटाकर संशोधित किया जाने लगा और उसी क्रम में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम में 19 अप्रैल को 8 सदस्य जीटीपी कमेटी की बैठक बुलाई गई जिसमें स्मार्ट मीटर में प्रयुक्त होने वाली सामग्री के वेंडर की जीटीपी अनुमोदन पर विचार विमर्श किया गया अभी जीटीपी अनुमोदन की अंतिम प्रक्रिया चली ही रही कि इसी बीच 19 अप्रैल की तिथि में ही कुछ मीटर निर्माता कंपनियों ने मध्यांचल विद्युत वितरण निगम को लिखित में यह प्रस्ताव दे दिया कि उनके पास 15 हजार मीटर तैयार है 1200 स्मार्ट प्रीपेड मीटर का तत्काल निरीक्षण कर लिया जाए जिससे उपभोक्ताओं के घर में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का कार्य शुरू किया जाए अब सवाल उठना लाजमी है जब मीटर के अंदर लगने वाला कंपोनेंट का अनुमोदन ही 19 को होने वाला है तो 19 को स्मार्ट मीटर बनकर तैयार कैसे हो गया इसका मतलब कुछ मीटर निर्माता कंपनियों ने पूर्व में जो चीन निर्मित जीटीपी अनुमोदित कराई थी उसके आधार पर ही मीटर तैयार कर लिया और अब बिजली कंपनियों की आंख में धूल झोंक करके और कुछ अभियंताओं से मिलीभगत करके उसे उपभोक्ताओं के परिसर पर लगाने की जुगत में निरीक्षण परीक्षण कराने मे लग गए उपभोक्ता परिषद ने जब मध्यांचल प्रबंधन को इसकी सूचना दी तो उनके हाथ-पांव फूल गए।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए यह कैसे संभव है कि कि जिस डेट में मीटर के अंदर क्या लगेगा उसकी बैठक हो रही है इस तारीख में मीटर बनकर तैयार हो जाता है यह कौन सी तकनीकी है?







