लखनऊ: उत्तर प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मानसून ने दस्तक दे दी है। बुधवार को सोनभद्र की ओर से प्रवेश करने वाले दक्षिण-पश्चिम मानसून ने प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। सोनभद्र, गाजीपुर, और वाराणसी जैसे जिलों में मानसूनी बारिश की शुरुआत हो चुकी है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, मानसून की प्रगति अब पूर्वी उत्तर प्रदेश से पश्चिमी हिस्सों की ओर बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि सोमवार को मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, गाजीपुर, बलिया, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती और आसपास के इलाकों में बारिश होने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 2-3 दिनों में पूर्वी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, और मध्य प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में मानसून के पहुंचने की उम्मीद जताई है।
मौसम विभाग ने 19 जून 2025 को 39 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसके तहत तेज हवाओं के साथ मेघगर्जन और वज्रपात की भी संभावना है। IMD के अनुसार, इस बार मानसून सामान्य से अधिक बारिश ला सकता है, जिससे खेती-किसानी को लाभ होगा और तापमान में भी कमी आएगी।
उत्तर प्रदेश में मानसून की प्रगति से तापमान में गिरावट देखी गई है, और दिल्ली-एनसीआर सहित आसपास के क्षेत्रों में भी प्री-मानसून बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में अनुकूल परिस्थितियों के कारण मानसून तेजी से उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है। हालांकि, कुछ क्षेत्रों जैसे पंजाब, हरियाणा, और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून 19 से 25 जून के बीच पहुंच सकता है।
किसानों के लिए यह मानसून राहत भरी खबर है, क्योंकि समय पर बारिश फसलों के लिए जरूरी नमी प्रदान करेगी। हालांकि, भारी बारिश और वज्रपात को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।







