उपभोक्ता परिषद ने कहा विद्युत नियामक आयोग स्वतंत्र होकर ले निर्णय
लखनऊ, 9 अक्टूबर 2024: प्रदेश की बिजली कंपनियों की तरफ से दाखिल वार्षिक राजस्व आवश्यकता और बिजली दर संबंधी प्रक्रिया को विद्युत नियामक आयोग ने 10 जून 2024 को स्वीकार किया था विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 64 (3) के तहत वार्षिक राजस्व आवश्यकता स्वीकार किए जाने के 120 दिन के अंदर नई बिजली दर का ऐलान किया जाना आवश्यक है , ऐसे में 120 दिन पूरे हो जाने के बाद भी विद्युत नियामक आयोग द्वारा नई बिजली दर का ऐलान नहीं किया गया है इस सम्बन्ध में उपभोक्ता परिषद काफी लंबे समय से संघर्ष कर रहा है परिषद् का कहना है कि प्रदेश के उपभोक्ताओं का बिजली कंपनियों पर 33122 करोड सर प्लस निकल रहा है ऐसे में बिजली दरों में कमी की जाए लेकिन पावर कारपोरेशन के दबाव के चलते विद्युत नियामक आयोग अनेकों वर्षों से बिजली दरों में कमी का फैसला नहीं ले पा रहा है और यही हाल वर्तमान वित्तीय वर्ष 2024- 25 का है पावर कॉरपोरेशन नहीं चाहता कि बिजली दरों में कमी हो इसलिए वह अपना दबाव बनाए हुए है ऐसे में उपभोक्ता परिषद बार-बार प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी से हस्तक्षेप करने की मांग कर रहा है जिससे बिजली दरों में कमी का रास्ता साफ हो ।
उपभोक्ता परिषद का कहना है कि जहां तक सवाल है पिछले 4 वर्षों से उत्तर प्रदेश में बिजली दरों में बढोतरी नहीं हुई है तो इसका मुख्य कारण यही है कि किसी भी राज्य में यदि उपभोक्ताओं का सरप्लस निकलता है तो उसे राज्य में बिजली दरों में बढोतरी नहीं हो सकती और उसी के चलते उत्तर प्रदेश में भी कानूनन दरों में कमी होनी चाहिए लेकिन दबाव के चलते ऐसा नहीं हो रहा है और मजबूरन 4 साल से इसीलिए दरे यथावत है। पावर कॉरपोरेशन अपने तरीके से दबाव में जुटा है कि किसी तरह असंवैधानिक तरीके से बिजली दरों में बढोतरी हो जाए जो अपने आप में रेगुलेटरी फ्रेमवर्क का खुला उल्लंघन होगा।
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कानून के तहत बिजली दर जारी होने की समय सीमा अब खत्म हो चुकी है किसी भी समय यानी कि कुछ घंटे के बीच नई बिजली दर का ऐलान होना तय है लेकिन पावर कॉरपोरेशन जिस प्रकार से दबाव बनाए हुए हैं उसे बिजली दरों में कमी होना मुश्किल लग रहा है उपभोक्ता परिषद ने कहा एक बार फिर उपभोक्ता परिषद उत्तर प्रदेश सरकार से यह मांग करता है कि उपभोक्ताओं का बिजली कंपनियों पर जो सर प्लस निकल रहा है उसके एवज में बिजली दरों में कमी होनी चाहिए उत्तर प्रदेश सरकार का नैतिक दायित्व है कि वह पूरे मामले पर हस्तक्षेप करें जिससे बिजली दारो में कमी हो सके।







