अब अटल आवासीय विद्यालयों में श्रमिकों के बच्चे पढ़ेंगे जापानी भाषा

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  • विधानभवन में आयोजित विचार मंचन में श्रमायुक्त ने दी जानकारी
  • श्रमायुक्त ने कहा, जापान के राजदूत से कुछ विद्यालयों को गोद लेने के लिए किया जाएगा आग्रह

लखनऊ, 16 फरवरी, 2020: विधान भवन के तिलक हाल में श्रम विभाग द्वारा रविवार को विचार मंचन का आयोजन हुआ। रविवार को आयोजित विचार मंचन के दूसरे सत्र में श्रमायुक्त उत्तर प्रदेश डाक्टर सुधीर बोबड़े ने नीतियों को कुशल प्रबंधन के माध्यम से जमीन पर उतारने का पाठ पढ़ाया। श्रम आयुक्त ने कहा कि निर्माण श्रमिकों के लिए बन रहे अटल आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को जापानी भाषा सिखाई जाएगी।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में उनकी वार्ता भारत में जापान के राजदूत से होगी कि वे इन विद्यालयों में से कुछ को एडाप्ट कर लें, जिससे अच्छे संस्कारों, शिक्षा से यह बालक-बालिकाओं वैश्विक स्तर पर तैयार होकर अपना उत्कृष्ट दे सकें। डाक्टर बोबड़े ने न्यूनतम वेतन नये सिरे से निर्धारित किये जाने हेतु बोर्ड का शीघ्र गठन किये जाने का आश्वासन दिया। साथ ही कारखाना प्रभाग में प्रस्तुत होने वाले नक्शों को आन लाइन स्वीकृति दिये जाने हेतु साफ्टवेयर तैयार किये जाने हेतु विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने बताया कि विभिन्न श्रम अधिनियमों में पंजीयन, लाइसेंस का आटो मेशन पहले ही किया जा चुका है।

प्रमुख सचिव श्रम और निदेशक सेवायोजन ने भी विभागीय अधिकारियों के साथ किया मंथन

पहले सत्र में प्रमुख सचिव श्रम सुरेश चन्द्रा, निदेशक सेवायोजन कुणाल सिलकू शामिल हुए और साथ में विभागीय अधिकारियों के साथ विचार मंथन किया। प्रमुख सचिव श्रम सुरेश चंद्रा ने निर्माण श्रमिकों की पुत्रियों को एक सप्ताह में साइकिल उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये। विचार मंथन लेबर पालिसी के किस तरह से क्रियान्वयन हो सके, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को नीतियों का फयादा मिल सके। इस पर भी विचार हुआ कि लेबर पालिसी के क्रियान्वयन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने ओर प्रोजेक्ट की मानिटरिंग कैसे की जाये। इसके बारे में भी बताया गया।

भविष्य की दशा पर हुई चर्चा

उत्तर प्रदेश का सामाजिक, आर्थिक संदर्भ, समूह परिचर्चा, प्राथमिकताओं पर प्रस्तुति व प्रतिभागियों के सवाल-जवाब, शिर्ष चार राज्यों से उत्तर प्रदेश की तुलना, दृष्टि क्षेत्र विस्तार और भविष्य की दशा पर चर्चा हुई। उत्तर प्रदेश को आगे बढ़ाना, राजनीतिक रीजन, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय परिदृश्य पर राय जानी गयी। वहीं दूसरे सत्र में श्रम विभाग से जुड़े अन्य विभागों को अलग-अलग टास्क दिये गये। अधिकारियों की ब्रेन स्टार्मिग सेशन भी चला।

इंडस्ट्री और मजदूर दोनों एक-दूसरे के पूरक: बीके राय

बीके राय ने इंडस्ट्री इंवेस्टमेंट और लगाने के लिए सब आन लाइन कर दिया जाय, जिससे किसी को कोई प्राब्लम न हो लेकिन वर्कर्स का वेतन नियमावली के तहत मस्टरोल का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री और मजदूर दोनों एक दूसरे के पूरक हैं। इसमें मजदूरों के हित का ध्यान रखना भी जरूरी है। इसके साथ ही मिल मालिकों को इंडस्ट्री लगाने में कोई असुविधा न हो, इसका भी ध्यान रखना जरूरी है।

उप श्रमायुक्त आरपी गुप्त ने 12 श्रम अधिनियमों का सरलीकरण कर उनमें हुए संशोधन से अवगत कराया। श्रम प्रवर्तन अधिकारी रिजवान अहमद, सर्वेश चतुर्वेदी, कल्पना श्रीवास्तव आदि ने भी विचार रखे। इसके साथ ही श्रमायुक्त कार्यालय कानपुर को लखनऊ में शिफ्ट किये जाने का भी प्रस्ताव रखा गया, जिससे विभाग की योजनाओं को यहां से आसानी से क्रियान्वित किया जा सके।

कई अधिकारियों के अनुपस्थित रहने पर मांगा स्पष्टीकरण

कार्यक्रम का संचालन उप श्रमायुक्त शमीम अख्तर ने किया। विचार मंथन में बिना सूचना के अनुपस्थित रहने वाले उप निदेशक कारखाना अभय चंद्र गुप्ता, आरके सिंह, धर्मेंद्र प्रताप सिंह तोमर एवं सहायक निदेशक कारखाना का स्पष्टीकरण श्रमायुक्त ने मांगा है।

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