पंचायत ने चटवाया थूक, महिलाओं ने पीटा चप्पल से

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फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर जिला प्रशासन हरकत में आया, सभी आरोपी फरार

बिहार 21 अक्टूबर । खैनी मांगने के लिए गांव के ही एक घर में बिना कहे चले जाने के अपराध में एक व्यक्ति को अजनौरा गांव (नालंदा जिला, बिहार) में भरी पंचायत में थूककर चाटने जैसी सजा दी गई और महिलाओं ने चप्पल से पीटा। दबाव डालकर उस व्यक्ति की दुकान भी बंद करा दी गई है।

मंगलवार को शाम के बाद आठ बजे महेश ठाकुर (45) शौच के लिए निकला था। रास्ते में सुरेंद्र यादव का दालान (बैठका) है। उसने दरवाजे से थोड़ा अंदर जाकर खैनी मांगने के लिए आवाज दी। सुरेंद्र की पत्नी ने नाम पूछा कि कौन है, फिर कहा कि खैनी नहीं है। इसके बाद महेश चला गया। 18 अक्टूबर को वह अपने सैलून में बैठा था। इसी बीच उसे पंचायत के लिए बुलाया गया। कहा गया कि गांव के ही धर्मेद्र यादव ने बुलाया है। मुखिया की उपस्थिति में पंचों ने उसके खिलाफ आरोप लगाया कि वह बिना अनुमति सुरेंद्र के घर में घुसा था। इस दोष के लिए वह थूककर चाटे। महिलाओं को उसे चप्पल से पीटने का भी आदेश दिया गया। धर्मेद्र के कहने पर मुखिया दयानंद मांझी ने यह फैसला सुनाया। फिर उसे सजा भोगने के लिए बाध्य किया गया। यह घटना बुधवार को हुई। फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर जिला प्रशासन हरकत में आया। जांच के बाद सजा के लिए दबाव बनाने के मुख्य आरोपी धर्मेंद्र, सजा सुनाने वाले मुखिया दयानंद मांझी, सुरेंद्र समेत आठ लोगों को नामजद किया गया है। सभी आरोपी फरार हैं।

बेटी की शादी टूटी, दुकान बंद : पीड़ित महेश ठाकुर ने बताया कि पंचायत बुलाकर ऐसी सजा सुनाए जाने के बाद उसकी बेटी की शादी टूट गई है। इसी माह लड़के वाले देखने आने वाले थे। यही नहीं गांव के दबंगों के कहने पर रसलपुर मोड़ स्थित सैलून भी मकान मालिक ने हटवा दिया है। रिश्तेदार मुंह मोड़ने लगे हैं। पुलिस से गुहार लगाने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है। उधर डीएम डॉ. त्यागराजन ने शुक्रवार को कहा कि पंचायती के नाम पर अमानवीय और अनैतिक सजा सुनाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

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