गोमती फिर मैली है, बुड़की का मेला, अर्थात आठों का मेला यानि गंगा स्नान, जिसे देव-दीपावली भी कहते हैं वह 22 नवंबर को आने को है लेकिन नदियां मैली है स्वछता अभियान हर जगह चल रहा है लेकिन नदी के लिए स्वंम सेवी संघटनों द्वारा अभियान स्थिर है। शायद उन्हें इन्तजार है किसी मंत्री के इस अभियान में आने की टाइमिंग का!








