ठण्ड में मानवता को शर्मशार करती यह गरीबी

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गरीबी और बेरोजगारी क्या न कराएं? इनके लिये पापी पेट का सवाल है जबकि विवाह समारोह के प्रवेश द्वार पर इन जीवित हाड़ ‘माँस के पुतलों को ठंड में शराब पिलाकर और सुनहरा पेंट करके इस तरह खड़ा करना, अमीरों का नया शौक है। – अरविन्द साहू 

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