राज्य सरकार बिल एण्ड मिलिण्डा गेट्स फाउण्डेशन के साथ मिलकर टीकाकरण अभियान को और तेज करेगी: मुख्यमंत्री

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राज्य सरकार संस्था के साथ कार्य करने के लिए एम0ओ0यू0 पर हस्ताक्षर करेगी 
 
बीआरडी मेडिकल काॅलेज, गोरखपुर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार के साथ-साथ नेपाल के लगभग 05 करोड़ आबादी के इलाज का गुरुत्तर दायित्व है
 
वेक्टर जनित एवं जल जनित रोगों के नियंत्रण, पेयजल आपूर्ति, सैनिटेशन, मातृ एवं शिशु पोषण तथा कृषि उत्पादकता में वृद्धि करने वाली तकनीकों के क्षेत्र में बिल एण्ड मिलिण्डा गेट्स फाउण्डेशन राज्य सरकार 
को सहयोग देना चाहेगी: श्री बिल गेट्स
 
लखनऊ: 17 नवम्बर, 2017 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि राज्य सरकार बिल एण्ड मिलिण्डा गेट्स फाउण्डेशन के साथ मिलकर मस्तिष्क ज्वर/जापानी इंसेफेलाइटिस उन्मूलन के लिए टीकाकरण अभियान को और अधिक तेज करेगी। उन्होंने कहा कि यह सरकार मातृ एवं नवजात शिशु तथा बच्चों के स्वास्थ्य सम्बन्धी सुविधाओं, टीकाकरण सहित स्वास्थ्य एवं कृषि सम्बन्धी विभिन्न कार्यक्रमों में तकनीकी, प्रबन्धकीय तथा कार्यक्रम डिजाइन में अगले पांच साल तक सहयोग प्राप्त करने के लिए संस्था के साथ एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर करेगी।
मुख्यमंत्री जी आज यहां शास्त्री भवन में बिल एण्ड मिलिण्डा गेट्स फाउण्डेशन के सह अध्यक्ष श्री बिल गेट्स एवं उनकी टीम के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने श्री बिल गेट्स की संस्था द्वारा विगत में दिए गए सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि करीब 22 करोड़ आबादी के उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में स्वास्थ्य सम्बन्धी चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रदेश सरकार गम्भीरता से प्रयास कर रही है। वर्तमान सरकार द्वारा 25 मई से 11 जून, 2017 तक जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) एवं एक्यूट इंसेफेलाइटिस (ए0ई0एस0) के नियंत्रण के लिए 38 जनपदों में चलाए गए अभियान के अच्छे परिणाम प्राप्त हुए हैं। इस अभियान के दौरान 01 से 15 आयु वर्ग के 92 लाख बच्चों का प्रतिरोधक टीकाकरण कराकर वेक्टर जनित रोगों के खिलाफ अभियान की शुरुआत की गई है। इसी प्रकार मिशन ‘इन्द्रधनुष’ के अंतर्गत 37 जनपदों के टीकाकरण से छूटे लगभग 26 लाख बच्चों का टीकाकरण भी कराया गया है।
योगी जी ने कहा कि बी0आर0डी0 मेडिकल काॅलेज, गोरखपुर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार के साथ-साथ नेपाल की लगभग 05 करोड़ आबादी के इलाज का गुरुत्तर दायित्व है। उन्होंने कहा कि जेई एवं एईएस वेक्टर जनित रोग हैं। इसलिए इनकी रोकथाम के लिए टीकाकरण के साथ-साथ गांव-गांव में विशेष स्वच्छता अभियान के अलावा डेªनेज की व्यवस्था एवं शुद्ध पेयजल की उपलब्धता के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है, जिससे जेई एवं एईएस के अलावा अन्य वेक्टर जनित रोगों से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत दी जा सके। 20 जनपदों में इन्टेन्सिव केयर यूनिट की स्थापना के साथ-साथ बीआरडी मेडिकल काॅलेज में चिकित्सकों के प्रशिक्षण का कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि केन्द्र सरकार के सहयोग से गोरखपुर स्थित वायरल रिसर्च सेण्टर को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है। इसके साथ ही, एम्स की स्थापना को भी गति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार समय से वैक्सिनेशन के माध्यम से काफी हद तक जेई पर नियंत्रण करने की दिशा में काम कर रही है। कुपोषण की समस्या का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि तकनीक के प्रयोग से इस समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाने का प्रयास किया जा रहा है।
‘शबरी संकल्प योजना’ का उल्लेख करते हुए योगी जी ने कहा कि कुपोषण की व्यापकता के आधार पर चिन्हित किए गए 39 जनपदों में इस योजना को बाल विकास एवं पुष्टाहार, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, पंचायती राज, ग्राम्य विकास तथा खाद्य विभाग के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इसके तहत शून्य से तीन वर्ष आयु वर्ग के कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों के वजन की काॅल सेण्टर के माध्यम से मासिक टैªकिंग करते हुए, ऐसे बच्चों एवं परिवारों को जरूरी सेवाएं उपलब्ध करायी जाएंगी। इसका अनुश्रवण ई-शबरी पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में लगभग 02 लाख आंगनबाड़ी केन्द्रों में 04 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां मौजूद हैं। उन्होंने अपेक्षा की कि संस्था ऐसी तकनीक एवं साॅफ्टवेयर विकसित कराने में सहयोग प्रदान करेगी, जिसके माध्यम से इन आंगनबाड़ी केन्द्रों में आने वाले बच्चों एवं महिलाओं की स्वास्थ्य सम्बन्धी स्थिति की सतत् टैªकिंग की जा सके। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित विद्यालयों में मिड-डे-मील योजना को और अधिक पौष्टिक बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। इसके तहत माइक्रो न्यूट्रियेण्ट युक्त फोर्टिफाइड राइस आदि की उपलब्धता शामिल है।
योगी जी ने कहा कि संस्था के सहयोग से प्रदेश सरकार ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी दर्ज कराने में सफलता हासिल की है। उन्होंने संस्था से अन्य क्षेत्रों में सहयोग का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने कई क्षेत्रों में प्रभावकारी कदम उठाते हुए प्रदेश को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाने के लिए प्रयास तेज किए हैं। उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2017 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे निवेश को प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी। उत्तर प्रदेश सर्वाधिक साॅफ्टवेयर का निर्यात करने वाला राज्य होने के साथ-साथ चीनी उत्पादन के मामले में भी प्रथम स्थान पर है। किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने श्री बिल गेट्स का आह्वान किया कि उनकी संस्था को प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में निवेश के लिए आगे आना चाहिए।
इस अवसर पर श्री बिल गेट्स ने बताया कि उनकी संस्था वेक्टर जनित एवं जल जनित रोगों के नियंत्रण, पेयजल आपूर्ति, सैनिटेशन, मातृ एवं शिशु पोषण तथा कृषि उत्पादकता में वृद्धि करने वाली तकनीकों के क्षेत्र में राज्य सरकार को सहयोग देना चाहेगी। बिल एण्ड मिलिण्डा गेट्स फाउण्डेशन द्वारा पूर्व में जेई वैक्सीन के क्षेत्र में चीन में सहयोग प्रदान किया गया था। उन्होंने सैनिटेशन/अपशिष्ट प्रबन्धन की नवीनतम तकनीकों के क्षेत्र में भी सहयोग की पेशकश की।
श्री गेट्स ने यह भी कहा कि बीआरडी मेडिकल काॅलेज में जेई एवं एईएस माॅनीटरिंग सेण्टर की स्थापना में भी सहयोग देने के लिए भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद से वार्ता हुई है। डायरिया और खसरा रोगों के नियंत्रण तथा टीकाकरण के क्षेत्र में भी उनका फाउण्डेशन राज्य सरकार के साथ काम करने का इच्छुक है। काला अजार की रोकथाम के लिए बिहार राज्य से सटे जनपदों में सहयोग दिया जा सकता है। श्री गेट्स ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को तकनीक से जोड़कर मोबाइल आधारित पोषण व्यवस्था का प्रस्ताव भी रखा। फाइलेरिया/हाथी पांव रोग के उपचार सम्बन्धी विचार-विमर्श में उन्होंने बताया कि थ्री-ड्रग थेरेपी के माध्यम से 03 वर्ष में लिम्फैटिक फाइलैरियासिस का उपचार किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री जी से विचार-विमर्श के दौरान श्री गेट्स ने कहा कि क्षय रोग नियंत्रण हेतु उनकी संस्था राज्य सरकार के साथ काम करने की इच्छुक है। इसमें निजी क्षेत्र की भी भागीदारी प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि फोर्टिफाइड राइस के माध्यम से जहां एक ओर खून की कमी को दूर किया जा सकता है, वहीं दूसरी ओर नवजात शिशुओं के लिए स्तनपान के महत्व को रेखांकित करके उनकी प्रतिरक्षण क्षमता में वृद्धि भी की जा सकती है। उन्होंने रीप्रोडक्टिव हेल्थ एवं बर्थ स्पेसिंग टेक्नोलाॅजी के क्षेत्र में अपनी संस्था के कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान में सिटी सैनिटेशन प्लान के अंतर्गत उन्नाव में गंगा नदी के तट पर एक पाइलेट परियोजना की स्थापना में भी उनकी संस्था सहयोग प्रदान करने की इच्छुक है। कृषि क्षेत्र में स्पेक्ट्रोस्कोपी तकनीक के माध्यम से मृदा परीक्षण एवं अधिक उत्पादकता वाले बीजों के प्रसार हेतु भी उनकी संस्था राज्य सरकार को सहयोग प्रदान करना चाहेगी। इस अवसर पर माइक्रोसाॅफ्ट के साथ डिजिटल डैश बोर्ड के सम्बन्ध में भी चर्चा हुई।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने भगवान बुद्ध की प्रतिमा देकर श्री बिल गेट्स का स्वागत किया।
मुख्य सचिव श्री राजीव कुमार ने कहा कि शीघ्र ही विभागवार कार्यक्रमों एवं योजनाओं की प्राथमिकता तय करते हुए प्रदेश की जरूरत को दृष्टिगत रखकर बिल एण्ड मिलिण्डा गेट्स फाउण्डेशन के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किया जाएगा।
कार्यक्रम में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री राज प्रताप सिंह, अपर मुख्य सचिव आईटी तथा इलेक्ट्राॅनिक्स श्री संजीव सरन, अपर मुख्य सचिव पंचायती राज श्री चंचल कुमार तिवारी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्री प्रशान्त त्रिवेदी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री एसपी गोयल, प्रमुख सचिव कृषि श्री अमित मोहन प्रसाद, सचिव बाल विकास एवं पुष्टाहार श्रीमती अनीता सी. मेश्राम सहित राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा बिल एण्ड मिलिण्डा गेट्स फाउण्डेशन के डाॅ. नचीकेत मोर, सुश्री लिज़ क्लाइमा, श्री देवेन्द्र खण्डैत मौजूद थे।

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