प्रदेश में 8 माह बीत जाने के बावजूद जनता को कोई राहत तो मिली नहीं उल्टे मंहगाई, बेरोजगारी, अराजकता की आफतें झेलनी पड़ गई हैं
लखनऊ 21 नवंबर। समाजवादी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा है कि नगर निकाय के चुनावों में भाजपा आचार संहिता के उल्लंघन के साथ ही लोकतांत्रिक मर्यादाओं को भी तार-तार कर रही है। राज्य सरकार के मंत्रीगण जिस तरह की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं उससे राजनीति के स्तर में भीषण गिरावट का प्रदर्शन हो रहा हैं। लोकतंत्र में सार्वजनिक रूप से यमराज और जेल भेजने जैसी बातों का कोई स्थान नहीं हो सकता है। भाजपा का नेतृत्व अपराध बोध से ग्रस्त हैं और जनता को धमकाने तथा आतंकित करने में लग गए हैं। यह कैसा कानून का राज है?
सच तो यह है कि भाजपा सरकार के केन्द्र में तीन साल से अधिक और प्रदेश में 8 माह बीत जाने के बावजूद जनता को कोई राहत तो मिली नहीं उल्टे मंहगाई, बेरोजगारी, अराजकता की आफतें झेलनी पड़ गई हैं। भाजपा के कथित संकल्प पत्र में किए गए तमाम वादों की पोल भी खुल गई है। जनता जान गई है कि इनके पास गुमराह करने के अलावा कोई काम नहीं है। जनता में बढ़ते आक्रोष से भाजपा नेता डरे-सहमें हैं और अब प्रशासन के सहारे चुनाव जीतने की साजिशों में लगे हैं।
सच्चाई तो यह है कि भाजपाईयों की धोखाधड़ी से जनता को अब फिर श्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी सरकार के काम याद आने लगे है और लोगों को भरोसा हो चला है कि समाजवादी पार्टी की जीत से ही उसकी समस्याओं का समाधान हो सकेगा। नागरिकों को जितनी सुविधाएं समाजवादी सरकार में मिली थी भाजपा राज में उनको भी छीना जा रहा है।







