Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Thursday, September 17
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Current Issues

    अपने कर्मों से गिरी कुमारस्वामी सरकार

    By July 24, 2019 Current Issues 5 Comments6 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 668
    डॉ दिलीप अग्निहोत्री
    कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष के निर्देशन में चली कई दिनों की नौटंकी का समापन हुआ। वह सभी पैंतरे आजमाने के बाद भी कुमारस्वामी सरकार को बचा नहीं सके। विश्वास मत पर उसे पराजय का सामना करना पड़ा। इस तरह चौदह महीने बाद कर्नाटक में जनादेश का सम्मान हुआ। मतदाताओं ने कांग्रेस और जेडीयू को सरकार से बाहर रखने का फैसला सुनाया था। लेकिन इन्होंने अनैतिक रूप से सत्ता पर कब्जा जमाया था। इस अनुचित कदम में सुधार हुआ। वस्तुतः चौदह महीने तक यह सरकार एक दिन भी सलीके से नहीं चली। कुमारस्वामी खुद इसके लिए आंसू बहा चुके थे। लेकिन सत्ता का मोह उन्हें सरकार में काबिज रहने के लिए प्रेरित कर रहा था। उनकी सरकार का आधार ही नकारात्मक था।
    कांग्रेस और जेडीयू ने एक दूसरे के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ा था। भाजपा को रोकने के नाम पर यह नकारात्मक गठजोड़ किया गया था। उनतालीस सदस्य वाली जेडीयू के कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री बनाया गया था। यह बात कांग्रेस के अनेक विधायको को अखर रही थी। वह इसे अपवित्र सरकार मान रहे थे। कांग्रेस के कई बड़े नेता भी सरकार को गिराना चाहते थे।
    देवगौड़ा परिवार के मामले में कांग्रेस ने अपना इतिहास नए अंदाज में दोहराया है। अंतर इतना है कि देवगौड़ा को प्रधानमंत्री पद से हटाने का निर्णय कांग्रेस हाईकमान ने किया था। कर्नाटक में देवगौड़ा के पुत्र कुमारस्वामी सरकार को अस्थिर करने का खेल प्रांतीय नेता सिद्दारमैया ने किया है। यह कहना गलत है कि कर्नाटक के घटनाक्रम के लिए भाजपा दोषी है। यदि भाजपा की ऐसी पहुंच होती तो येदयुरप्पा की सरकार गिरी न होती।
    कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। राज्यपाल ने येदयुरप्पा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था। लेकिन कांग्रेस और जेडीएस के बेमेल गठबन्धन के कारण वह बहुमत साबित नहीं कर सके थे। इसके बाद कांग्रेस के समर्थन से जेडीएस नेता कुमारस्वामी मुख्यमंत्री बने थे।
    लेकिन कांग्रेस के अनेक नेता शुरू से ही परेशान थे। उन्हें यह बात हजम नहीं हो रही थी कांग्रेस से आधी संख्या वाले कुमारस्वामी मुख्यमंत्री बन गए है। कांग्रेस बड़ी होने के बाद भी  सरकार की बी टीम बनकर रह गई है। सिद्धारमैया के नेतृत्व में यह लोग मुख्यमंत्री पर दबाब बना रहे थे। सरकार बनने के मात्र  ढाई महीने बाद कुमारस्वामी ने स्वयं यह बात सार्वजनिक मंच से स्वीकार की थी। इतना ही नहीं वह कांग्रेस के दबाब से परेशान होकर इसी मंच से फुट फुट कर रोये भी थे। इन्हीं आंसुओं में पांच वर्ष सरकार चलाने का दावा भी बह गया था।
    कुमारस्वामी ढाई वर्ष तक भाजपा गठबन्धन के साथ कर्नाटक की सरकार चला चुके हैं। वह उनके राजनीतिक जीवन का सर्वश्रेष्ठ कालखंड था। ये बात अलग है कि जब भाजपा के मुख्यमंत्री बनने की बारी थी, तब कुमारस्वामी अपने वादे से मुकर गए थे। लेकिन कांग्रेस के साथ सरकार चलाने में मात्र ढाई महीने में उनके आंसू निकल गए थे। कुमारस्वामी का कहना था कि कांग्रेस के दबाव ने उन्हें परेशान कर दिया है।
     ऐसे में यह कहना गलत है कि इस सरकार को भाजपा ने अस्थिर किया है। अंतर्विरोधों से घिरी सरकार का इतने समय तक चलना कम नहीं है। कर्नाटक में जिस गठबन्धन को लेकर विपक्षी नेताओं का बंगलुरू में अखिल भारतीय जश्न हुआ था, उसके लिए ही  मुख्यमंत्री कुमारस्वामी आंसू बहा रहे थे। उनका बयान था कि वह वैसे विषभरी स्थिति में है। जाहिर है कि कांग्रेस का उनके साथ विषैला व्यवहार था। उनके बयान से साबित था कि यह गठबन्धन शुरू में ही नैतिक व व्यवहारिक  आधार पर विफल हो चुका था। जबकि विपक्ष की जिन पार्टियों का कर्नाटक से कोई लेना देना नहीं था, वह भी बारातियों की तरह इस सरकार की ताजपोशी में पँहुचे थे। ये सभी इस बात से आनन्दित थे कि भाजपा को सरकार बनाने से रोकने में सफलता मिली है।
    तब मुख्यमंत्री कुमारस्वामी का दावा था कि सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी। लेकिन उपमुख्यमंत्री ने उन्हें पहले दिन ही आगाह कर दिया था तथा पांच वर्ष की गलतफहमी में न रहने की हिदायत दी थी। जबकि कुमारस्वामी शायद कांग्रेस के इतिहास से आँख मूंदे हुए थे। उनका कहना था कि यह अलग तरह की गठबंधन सरकार होगी, जो देश के लिए एक आदर्श प्रस्तुत करेगी जबकि  उप मुख्यमंत्री  जी. परमेश्वर ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी ने पूरे पांच साल तक के कार्यकाल के लिए  कुमारस्वामी का समर्थन करने पर अब तक कोई फैसला नहीं लिया है। जबकि इस प्रकरण ने एक साथ कई प्रश्न उठाए हैं। पहला प्रश्न यह कि क्या विपक्ष भाजपा को रोकने के नाम पर ऐसी ही सरकार बनाएगा। दूसरा यह कि जिस सरकार में मात्र दो महीने में ही इतने मतभेद पैदा हो गए थे।
    वह किस प्रकार बेहतर शासन का   दावा कर सकती है। कांग्रेस और जेडीएस सरकार के गठन से पहले न्यूनतम साझा कार्यक्रम भी नहीं बनाया गया था। कर्नाटक में एक दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ी पार्टियों ने नकारात्मक मुद्दे पर बिना किसी न्यूनतम साझा कार्यक्रम के सरकार बनाई थी। जबकि गोवा, मेघालय आदि में कांग्रेस के खिलाफ चुनाव लड़ी पार्टियों ने भाजपा के समर्थन का निर्णय लिया था। कर्नाटक में कांग्रेस व जेडीएस ने भाजपा को रोकने के नाम पर गठबन्धन किया था।इनके पास अन्य कोई कार्यक्रम ही नहीं हैं। ऐसे नकारात्मक मुद्दों पर बनने वाली सरकारें आमजन का कल्याण नहीं कर सकतीं। क्योंकि इनके स्वार्थ जनहित पर भारी पड़ते हैं।
    इसके अलावा समर्थन के मामले में कांग्रेस का रिकार्ड भी देखना चाहिए था। गठबन्धन सरकार में यदि प्रधाममंत्री या मुख्यमन्त्री इनकी पार्टी का हुआ ,तब सरकार चलने की संभावना रहती है। केंद्र की यूपीए और महाराष्ट्र में एनसीपी के साथ बनाई गई सरकार इसकी बानगी थी। लेकिन  मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री का पद न मिलने पर इन्हें  कठिनाई होती है।
    ऐसी दशा में बनने वाली सरकारों की असलियत कुछ दिनों में ही सामने आ जाती है। कांग्रेस ने केंद्र में चरण सिंह और चंद्रशेखर की सरकार को कुछ महीने में ही परेशान कर दिया था। देवगौड़ा को तो कांग्रेस ने निक्कमा प्रधानमंत्री कहा था। कुमारस्वामी के साथ कुछ नया नहीं हुआ है।लोकसभा चुनाव में भाजपा अठ्ठाइस में से पच्चीस सीट पर विजयी हुई थी। इससे भी कांग्रेस के नेताओं का जेडीएस गठबन्धन से मोहभंग हो गया था। इसके बाद कांग्रेस के प्रांतीय नेता इस सरकार को गिराने का प्रयास कर रहे थे। उधर दिल्ली में राहुल गांधी के इस्तीफे के डेढ़ महीने चले प्रकरण ने हाईकमान को पंगु बना दिया था। इसी दौरान तेरह विधायको ने इस्तीफा दे दिया। भाजपा ने कहा भी है कि सिद्धारमैया और कुमारस्वामी के बीच सत्ता संघर्ष के चलते राजनीतिक संकट पैदा हुआ है।
    यह सब इसलिए हो रहा है क्यों कि कांग्रेस नेताविहीन हो गई है। उसकी कर्नाटक इकाई एक स्वतंत्र इकाई की तरह काम कर रही है। केंद्रीय नेतृत्व का कर्नाटक  इकाई में कोई दखल नहीं है।

    Keep Reading

    Special screening of the spiritual film ‘Hanuman Ansh’ in Lucknow; cast members honored with the ‘Matrushakti’ award.

    लखनऊ में आध्यात्मिक फिल्म ‘हनुमान अंश’ की स्पेशल स्क्रीनिंग, कलाकारों को मिला ‘मातृशक्ति’ का सम्मान

    Remarkable feat by Civil Hospital doctors: 26 cm long, 450-gram gallbladder removed from abdomen.

    सिविल अस्पताल के डॉक्टरों का कमाल: पेट से निकाला 26 सेमी लंबा और 450 ग्राम वजनी पित्ताशय

    The future belongs to clean, green, and sustainable energy: A. K. Sharma

    आने वाला समय स्वच्छ, हरित व टिकाऊ ऊर्जा का: ए. के. शर्मा

    नालसा का एलएडीसी सिस्टम खत्म करने का फैसला: क्या गरीब कैदियों से छिन जाएगा न्याय का सहारा?

    A Scorpio on the roof! Thieves were stunned and the whole country had a laugh at this *jugaad* (ingenious hack) by a man from Gopalganj, Bihar.

    चोरों से बचाने को छत पर चढ़वा दी स्कॉर्पियो! इस बिहारी का जुगाड़ देखकर चोर भी हैरान, देश भी हंस पड़ा

    Gang arrested for honey-trapping and blackmailing the Walterganj Station House Officer (SHO).

    वाल्टरगंज थानाध्यक्ष को हनीट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल करने वाला गिरोह गिरफ्तार

    5 Comments

    1. buyessayonline.com on August 18, 2019 12:28 pm

      Because there are plenty of different online degree programs about, it will be possible to choose the program
      you want that may help you to pursue the career
      of your choice. Today’s modern basic chemistry lab equipment really hasn’t changed
      much from the times of old. Even though we can’t ‘do’ much in connection with climate conditions, our meticulous study regarding the weather helps
      sharpen our power to predict the approaching climate conditions.

      Reply
    2. paralegal training on August 18, 2019 11:44 pm

      The Pell Grant provides most generous scholarship allowance and it is also easy to use for.
      If you do not meet these requirements then you are
      not able to get these grants so there may sometimes be no reason for you to make use of.
      It is always crucial that you review particular guidelines and regulations pertinent on the attainment of Associate Degrees
      Online.

      Reply
    3. custompaperswriter.com on August 19, 2019 12:11 am

      Therefore they find it more simple and much more practical to merely
      consider applicants qualifying from a certified institution whose standards they deem acceptable.
      As well as checking their academic credentials,
      the Quality Control Department within Papers4You ensures that
      all writers execute a trial piece of custom research.
      However, at the same time, it’s not much easier to make an entry into these
      colleges.

      Reply
    4. Mom Scholarships on August 19, 2019 8:26 am

      Now, the united states has the best schools, colleges and
      universities in the world. The particular fields that expect the very best increases in employment
      include:. Being able to use practical employment
      experience with conjunction with college programs so that you can obtain your
      web degree can garner you a lot benefits, including being able to use real
      world concepts that may help you along with your studies and vice versa.

      Reply
    5. college application on August 25, 2019 4:34 am

      An old Chinese Proverb says which a journey of the thousand miles
      begins with an individual step. These jobs might not always be rewarding in addition to their salary do not always cover their daily
      expenses; in addition to being immigrants and non-American citizens,
      they might not exactly always have the right benefits
      when compared with American citizens. On the nursing hierarchy, an LPN represents more responsibility than the usual certified
      nurse assistant, although not quite as up to an RN.

      Reply
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Special screening of the spiritual film ‘Hanuman Ansh’ in Lucknow; cast members honored with the ‘Matrushakti’ award.

    लखनऊ में आध्यात्मिक फिल्म ‘हनुमान अंश’ की स्पेशल स्क्रीनिंग, कलाकारों को मिला ‘मातृशक्ति’ का सम्मान

    September 16, 2026
    Remarkable feat by Civil Hospital doctors: 26 cm long, 450-gram gallbladder removed from abdomen.

    सिविल अस्पताल के डॉक्टरों का कमाल: पेट से निकाला 26 सेमी लंबा और 450 ग्राम वजनी पित्ताशय

    September 16, 2026
    Union with Emptiness

    शून्यता से मिलन

    September 16, 2026
    Grand launch of two new works by Dr. Vidyasagar Upadhyay on Hindi Diwas

    हिन्दी दिवस पर डॉ. विद्यासागर उपाध्याय की दो नई कृतियों का भव्य लोकार्पण

    September 16, 2026
    'Naa Pushde' released featuring Neha Kakkar's magical voice; a big treat for YogKansha's fans.

    नेहा कक्कड़ की जादुई आवाज़ में रिलीज़ हुआ ‘Naa Pushde’, YogKansha के फैंस को मिला बड़ा तोहफा

    September 16, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading