व्यवस्था सुधार से बना निवेश का माहौल

0
242
डॉ दिलीप अग्निहोत्री
पिछले हफ्ते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों का उद्घाटन किया था। निकट भविष्य में ऐसे कुछ अन्य केंद्रों के उद्घाटन की संभावना है। इन प्रयासों से सुरक्षा की व्यवस्था को प्रभावी और हाईटेक बनाया जा रहा है। इस क्रम में योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश पुलिस मुख्यालय का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पुलिस बल में व्यावसायिक दक्षता होनी चाहिए। सरकार आधुनिक तकनीक को प्रोत्साहन दे रही है। इससे उनकी कार्यकुशलता बढ़ेगी। लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण यह है कि वह अपने आचरण से आमजन की अपेक्षाओं और विश्वास बनाये रखें।
उन्हें सकारात्मक सोच के चुनौतियों से निपटने की भी तैयारी रखनी होगी। पीड़ित व्यक्ति को समयबद्ध ढंग से न्याय दिलाने की प्रक्रिया का हिस्सा बनना चाहिए। यह भवन भव्य होने के साथ ही अत्याधुनिक सुविधाओं से सम्पन्न  है। इसकी सार्थकता बनाये रखने की जिम्मेदारी पुलिस  बल पर है। प्रदेश में आम नागरिक को सहूलियत देने वाले सुशासन की स्थापना में पुलिस को अपनी भूमिका का निर्वाह करना है।
बयासी वर्ष पहले उन्नीस सौ सैंतीस में उत्तर प्रदेश पुलिस का शिविर कार्यालय प्रयागराज से लखनऊ स्थानान्तरित हुआ था। तभी से यह कार्यालय पुलिस महानिदेशक मुख्यालय के रूप में कार्य कर रहा था। पुलिस का अपना भवन न होने के कारण स्थानाभाव की कमी के कारण कार्य सम्पादन में कठिनाइयां हो रही थीं। इस पुलिस मुख्यालय भवन के निर्माण से पुलिस विभाग की एक बड़ी आवश्यकता पूरी हुई है। शासन सुविधाएं उपलब्ध करा सकता है, किन्तु उन सुविधाओं का सदुपयोग करते हुए पुलिस अधिकारियों को बदली कार्य संस्कृति और आचरण को साबित करने का दायित्व निभाना होगा। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में कानून व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है।
इस माहौल में उद्यमी पूंजी निवेश के लिए उत्सुक हैं। पहले सुरक्षा की भावना का अभाव था। इसलिए निवेशक उत्तर प्रदेश में निवेश से हिचकते थे। कई कम्पनियां अपने व्यापार को प्रदेश में जारी रखने के पक्ष में नहीं थी। वातावरण निवेश के अनुकूल नहीं था, किन्तु कानून व्यवस्था और सुरक्षा की भावना मजबूत होते ही इन्वेस्टर्स  के माध्यम से पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इनमें से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के  निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन का शुभारम्भ हो चुका है।
प्रयागराज कुम्भ का अभूतपूर्व आयोजन हुआ। सुरक्षा, सुव्यवस्था और स्वच्छता के नये मानक स्थापित हुआ। राज्य सरकार सराहनीय कार्य करने वालों का मनोबल बढ़ाने के प्रति गम्भीर है। पुलिस मेडल की संख्या दो सौ से बढ़ाकर नौ सौ पचास कर दी गयी है। पुलिस बजट में इस वर्ष अठारह हजार करोड़ से बढ़ाकर साढ़े चौबीस हजार करोड़ रुपये का प्राविधान रखा गया है।
वर्तमान सरकार के कार्यकाल में एटीएस और एसटीएफ का सुदृढ़ीकरण किया गया है। पहले आपदा राहत व नियंत्रण के लिए सिर्फ एनडीआरएफपर निर्भरता होती थी, किन्तु आज एसडी आरएफ की तीन कम्पनियां इस कार्य में लगाई गई है। इनके बेहतर परिणाम मिल रहे है। इससे सरकार की संवेदनशीलता का भी अनुमान लगाया जा सकता है।
विशेष योगदान करने वाले एडीजीसंजय सिंघल एवं सुजीत पाण्डेय को सम्मानित किया गया। पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उन्होंने पुलिस मुख्यालय भवन की खूबियों और विशिष्टताओं के बारे में जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि पुलिस के विभिन्न विभागों में बेहतर सामंजस्य त्वरित गति से परस्पर सूचनाओं का आदान प्रदान होगा। जनसमस्याओं के निराकरण में सुविधा होगी। यह भवन दो वर्ष में बनकर तैयार हुआ है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here