बिहार में मतदाता सूची संशोधन पर विवाद, INDIA गठबंधन ने की चर्चा की मांग
नई दिल्ली: संसद के मॉनसून सत्र के आखिरी दिन 21 अगस्त को लोकसभा में उस समय हंगामा मच गया, जब पीएम नरेंद्र मोदी सदन में पहुंचे। विपक्षी सांसदों ने उनके खिलाफ ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ और ‘वोट चोरी बंद करो’ के नारे लगाए। यह प्रदर्शन बिहार में चुनाव आयोग के विशेष गहन संशोधन (SIR) के तहत मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के विरोध में था।
विपक्षी दलों, खासकर INDIA गठबंधन के सांसदों ने इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की, जिसे बार-बार ठुकराए जाने पर उन्होंने सदन में हंगामा किया। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में सांसदों ने संसद परिसर के मकर द्वार के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें ‘वोट चोरी रोकने’ की मांग वाले बैनर और पोस्टर दिखाए गए।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी दलों जैसे टीएमसी, डीएमके, और आरजेडी के सांसदों ने आरोप लगाया कि SIR के तहत बिहार में 65 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए, जिसे वे कमजोर वर्गों को वोटिंग से वंचित करने की साजिश बता रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने इसे ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार देते हुए देशव्यापी ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ अभियान की घोषणा की है।
दूसरी ओर, बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि SIR अवैध मतदाताओं को हटाने के लिए जरूरी है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष पर ‘झूठ का पहाड़ खड़ा करने’ का आरोप लगाया। हंगामे के बीच लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों के व्यवहार पर नाराजगी जताई और कहा कि संसद नाटक का मंच नहीं, बल्कि नीति और बहस का स्थान है। फिर भी, विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी जारी रखी, जिसके बाद सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
यह रही ताजा स्थिति :
- विपक्ष का प्रदर्शन: INDIA गठबंधन के सांसदों ने संसद में SIR के खिलाफ नारेबाजी और पोस्टर प्रदर्शन किया।
- कांग्रेस का अभियान: 22 अगस्त से 7 सितंबर तक देशव्यापी ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ आंदोलन की घोषणा।
- सदन स्थगित: हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा को 21 अगस्त को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया।
- बीजेपी का जवाब: केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष पर संसद में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया।







