Share Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Post Views: 579 रोटी कपड़ा ना जुटे, भले न जुटे मकान। लेकिन मस्जिद चाहिए, मंदिर आलीशान।। मंदिर आलीशान, सियासत की बलिहारी, चौतरफा है मार, चले तलवार दुधारी, जियें खुदा भगवान, बचाओ दाढ़ी चोटी। फटे हाल इंसान, भले न पाएं रोटी।। सीएम त्रिपाठी