बाराबंकी, 15 फरवरी, 2020: जयपुरिया इंस्टीट्यूट लखनऊ की सामाजिक दायित्व कमेटी की निदेशिका प्रो. रीना अग्रवाल के निर्देशन में मैनेजमेंट के छात्रों द्वारा बनीकोडर ब्लॉक् परिसर में चाइल्ड लाइन बाराबंकी की आउटरीच में मिले अनाथ व बेसहारा 70 बच्चों को स्कूल बैग वितरित किया गया। स्कूल बैग वितरण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खंड विकास अधिकारी डॉ आदित्य तिवारी ने बच्चों को बैग प्रदान करते हुए उन्हें विषम परिस्थितियों से निपटने के लिए हौसला बढ़ाया और कहा कि शिक्षा ही ऐसी ताकत है जिससे गरीबी, मुफलिसी दूर कर सकती है।
डॉ तिवारी ने कहा कि चाइल्ड लाइन की टीम का सराहनीय कार्य है जो आप सब को ढूंढ कर लाई और आपका साथी बनी है अब आप लोग अकेले नही हैं, आपको अपने पैरों पर खड़े होने के लिए समाजसेवियों के हाथ आपके साथ हैं। जरूरत इस बात की है कि बिना किसी भटकाव के सही लोगो से सही मार्गदर्शन लो और आगे बढ़ते जाओ। चाइल्ड लाइन के निदेशक रत्नेश कुमार ने बच्चो को नियमित स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया और जयपुरिया इंस्टीट्यूट के प्रोफेसर व निदेशक को धन्यवाद देते हुए कहा सामाजिक कार्यो के तहत बाराबंकी के जरूरमंद लोगो को मदद के जोड़ा है जो धन्यवाद के पात्र हैं।
प्रबंधन के छात्र व सामाजिक सहयोग के कोआर्डिनेटर इस्निधी श्रीवास्तव ने बताया कि स्कूल बैग श्री डीके अग्रवाल व सिद्धार्थ अग्रवाल के सहयोग से जुटाए गए हैं जो धन्यवाद के पात्र हैं। इस अवसर पर इंस्टिट्यूट के प्रबंधन छात्र रितिका जैन, प्रयुष प्रकाश, दिव्य प्रकाश कुशवाहा तथा सहायक विकास अधिकारी सहित कई ग्राम पंचायत सचिव व पत्रकार अखिलेश तिवारी, चाइल्ड लाइन टीम लीडर अवधेश कुमार, राम कैलाश, अखिलेश कुमार, वंदना देवी, अंजलि जायसवाल, पंकज राणा आदि लोगों ने बच्चों को बैग प्रदान किया और उन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित किया।
स्कूल बैग वितरण कार्यक्रम से पहले जयपुरिया इंस्टीट्यूट के प्रबंधन छात्रों ने बनीकोडर ब्लॉक के छंदवल गांव में स्थित चाइल्ड फ्रेंडली स्कूल में गरीब व अनुसूचित जाति के जरूरतमंद 50 परिवारों को कपड़े वितरित किया। कपड़ा वितरण कार्यक्रम में मुख्य रूप से रितिका जैन, प्रयुष प्रकाश, दिव्य प्रकाश कुशवाहा ने जरूरतमंदों को कपड़े प्रदान किये। इस अवसर पर स्कूल के प्रबंधक रत्नेश कुमार ने सभी को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य विनोद कुमार, शिक्षिका शारदा रावत, सरिता यादव सीमा सरोज सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।






