अच्छे स्वास्थ्य के लिए करें अपने खानपान में बदलाव

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करें प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल और रखें खुद को स्वस्थ

यह सच है कि आप चाहकर भी अपनी लाइफस्टाइल नहीं बदल सकते और न ही ऐसी चीजों को छोड़ सकते हैं जो आपकी जीवनशैली का हिस्सा बन चुकी हैं। लेकिन आप सतर्क रह कर खतरों को कम कर सकते हैं। ऐसे में प्रकृति को गले लगाकर ही हम खुद को बचा सकते हैं।

कैमिकल्स से खतरा
घर में इस्तेमाल होने वाली कई जरूरी चीजों से कैंसर हो सकता है? जी हां, हाल ही हुए एक शोध से साबित हुआ है कि घरों में रोजाना इस्तेमाल होने वाली चीजों में प्रयोग होने वाले कैमिकल्स के संयुक्त प्रभाव से भविष्य में कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है। 28 देशों के 174 वैज्ञानिक हाल ही हुए एक शोध के बाद इस नतीजे पर पहुंचे हैं। इस शोध में 85 कैमिकल्स को शामिल किया गया था।

इसमें से 50 कैमिकल्स ऐसे पाए गए जो कैंसर के शुरुआती स्तर की वजह बन सकते हैं। 13 कैमिकल्स ऐसे पाए गए जो बाकी कैमिकल्स के मुकाबले हमें तेजी से कैंसर की ओर धकेल सकते हैं। अच्छे स्वास्थ्य के लिए आपको अपने खानपान, रहन-सहन और दिनचर्या में बदलाव करना होगा। आपको कृत्रिम चीजों के बजाय कुदरती चीजों का इस्तेमाल करना होगा। आपको अपने खानपान, रहन-सहन और दिनचर्या में बदलाव करना होगा। आपको कृत्रिम चीजों के बजाय कुदरती चीजों का इस्तेमाल करना होगा।

दातुन चबाएं
कई शोध टूथपेस्ट को कैंसर का कारक बता रहे हैं। ऐसे में नीम की दातुन का इस्तेमाल कर सकते हैं। दांतों के लिए नीम की दातुन काफी फायदेमंद रहती है। अगर नियमित तौर पर दातुन न मिले तो भी खाली ब्रश करके या सप्ताह में केवल दो बार पेस्ट लगाकर भी हम खतरे को कम कर सकते हैं।

मुल्तानी मिट्टी लगाएं
आज के जमाने में कई लोग खुशबू के फेर में तरह-तरह के साबुन इस्तेमाल करते हैं। इन साबुनों में कई तरह के कैमिकल होते हैं जो कई बीमारियों का कारण बन सकते हैं।

मुल्तानी मिट्टी लगाएं
आज के जमाने में कई लोग खुशबू के फेर में तरह-तरह के साबुन इस्तेमाल करते हैं। इन साबुनों में कई तरह के कैमिकल होते हैं जो कई बीमारियों का कारण बन सकते हैं।

आप साबुन के बजाय मुल्तानी मिट्टी को नहाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर नहाते वक्त सफाई का पूरा खयाल रखा जाए तो वैसे भी साबुन की जरूरत नहीं रहती।

पानी को उबालकर पिएं
आज ज्यादातर घरों में पानी साफ करने के लिए आरओ मशीन लगी हुई है। लेकिन कई बार ज्यादा मशीनी पानी भी नुकसान दे सकता है। आरओ की जगह पर पानी को अच्छी तरह से उबालकर तांबे के बर्तन में रखकर इस्तेमाल किया जा सकता है। जैन धर्म में धोवन पानी की परंपरा है। पानी में राख मिलाकर धोवन पानी तैयार किया जाता है।

नीम की पत्तियों का जादू

  • नीम की पत्तियां कीटाणुओं का नाश कर सकती हैं। इन्हें पानी में उबालकर इस्तेमाल में लिया जा सकता है। यह एंटीसेप्टिक लिक्विड का विकल्प हो सकती हैं।
  • आजकल फॉइल पेपर में रोटियां लपेटकर रखी जाती हैं। इसके स्थान पर सूती कपड़े में भी रोटियां रखी जा सकती हैं। रेफ्रिजरेटर के इस्तेमाल को भी सीमित करने की जरूरत है।
  • बात-बात में पेनकिलर लेना कैंसर के कारक हो सकते हैं। हमें अपनी सहनशीलता बढ़ानी चाहिए। थोड़ी-सी परेशानी होने पर दवाइयों के पीछे नहीं भागना चाहिए। इसके बजाय घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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