नई दिल्ली, 13 जून 2025: भारत के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है, जहां तापमान 46 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है। उत्तर भारत, विशेष रूप से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, और बिहार जैसे राज्यों में लू (हीटवेव) ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में अगले कुछ दिनों तक गर्मी और लू की स्थिति बनी रह सकती है। राजस्थान के कुछ हिस्सों में तापमान 47 डिग्री तक पहुंच गया है, जबकि दिल्ली में 8 जून को अधिकतम तापमान 42.3 डिग्री दर्ज किया गया था, जो अब 44 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है।
IMD की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में शुष्क पश्चिमी हवाओं और तेज धूप के कारण गर्मी की तीव्रता बढ़ रही है। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, और उत्तर प्रदेश में 9-11 जून तक लू की स्थिति बनी रहने की चेतावनी दी गई है। राजस्थान के बीकानेर संभाग में 8-10 जून के दौरान 45-47 डिग्री तापमान और तेज धूलभरी हवाएं (30-40 किमी/घंटा) चलने की संभावना है। मध्य भारत में भी छत्तीसगढ़, झारखंड, और ओडिशा जैसे राज्यों में 10-11 दिन तक लू की स्थिति रह सकती है। इसके अलावा, बिजली कटौती ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया है, जिससे घरों में उमस और गर्मी असहनीय हो रही है।

मानसून की प्रगति और बारिश की उम्मीद
IMD के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 24 मई को केरल में समय से पहले प्रवेश किया, जो पिछले 16 वर्षों में सबसे जल्दी है। हालांकि, मई के अंत से मानसून की प्रगति में 13 दिन का ठहराव देखा गया, जिसका असर महाराष्ट्र, सिक्किम, और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में दिखा। अब मौसम विभाग ने 12-15 जून के बीच मानसून के फिर से सक्रिय होने की घोषणा की है।
- दक्षिण भारत: 12-17 जून के दौरान दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत, विशेष रूप से कर्नाटक, केरल, और तमिलनाडु में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। कोंकण और गोवा में 12-14 जून को अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है।
- उत्तर-पूर्व भारत: अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, और त्रिपुरा में 12-15 जून तक भारी बारिश का अनुमान है।
- उत्तर और मध्य भारत: दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिम उत्तर प्रदेश, और पूर्वी राजस्थान में 13-15 जून के बीच हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी और तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा) चलने की संभावना है। उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 11-15 जून तक बारिश की गतिविधि बढ़ सकती है।
- दिल्ली में मानसून का आगमन: दिल्ली में सामान्य रूप से मानसून 27 जून के आसपास पहुंचता है, लेकिन इस साल IMD ने जून के अंत तक इसके पहुंचने की उम्मीद जताई है। दिल्ली में इस साल 114% औसत से अधिक बारिश की संभावना है, जो लगभग 431 मिमी होगी।
दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें, नहीं तो स्वास्थ्य पर पड़ सकता है प्रभाव
गर्मी और लू के कारण स्वास्थ्य जोखिम बढ़ रहे हैं। 2024 में मार्च-जून के बीच 700 से अधिक लोगों की हीटस्ट्रोक से मृत्यु हुई थी, और इस साल भी ऐसी घटनाओं का खतरा बना हुआ है। गर्मी के कारण पानी की कमी और फसलों को नुकसान भी एक बड़ी चुनौती है, खासकर राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों में। विशेषज्ञों का सुझाव है कि लोग दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें, हल्के और सूती कपड़े पहनें, और पर्याप्त पानी और ओआरएस का सेवन करें।
IMD ने 2025 के लिए सामान्य से अधिक मानसून बारिश (105% लॉन्ग-पीरियड एवरेज) की भविष्यवाणी की है, जो कृषि क्षेत्र के लिए राहतकारी हो सकती है। हालांकि, भारी बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है, खासकर दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में। स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और जल निकायों के प्रबंधन पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।







