इंदौर 15 फरवरी 2018। जेम्स पब्लिक स्कूल (आगरा-मुंबई बायपास स्थित) को आईसीएसई (इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन) बोर्ड से मान्यता प्राप्त हो गई है। ये बोर्ड ‘आईसीएसई’ 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षा आयोजित करता है। ‘आईसीएसई’ इस स्कूल के शिक्षा दृष्टिकोण और भविष्य की रुपरेखा को स्पष्ट करता है। मार्केट रिसर्च के मुताबिक इंदौर में आईसीएसई स्कूल की आवश्यकता बहुत स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आई है।
इस अवसर पर जेम्स एजुकेशन इंडिया के सीईओ श्री भावीक अंजारिया एवं जेम्स पब्लिक स्कूल इंदौर की सीनियर प्रिंसिपल सुश्री शाहीन शफी भी मौजूद थी।
प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए जेम्स एजुकेशन इंडिया के सीईओ भावीक अंजारिया ने बताया कि’आईसीएसई’ बोर्ड दुनियाभर में विशेष रूप से विदेशी स्कूलों और विश्वविद्यालयों द्वारा मान्यता प्राप्त है। इस बोर्ड में अंग्रेजी पर जोर देने के कारण छात्रों को ‘‘टॉफेल’’ जैसी परीक्षाओं में अन्य छात्रों की तुलना में अग्रणी रखता है। इसकी पढाई की पद्धति वास्तविक जीवन की अवधारणाओं पर आधारित है जो प्रभावी ढंग से पाठ्यक्रम को समझने के लिए अवसर प्रदान करती है। ‘‘आईसीएसई’’ बोर्ड में कक्षा-12 में चुनने के लिए बहुत से विषय हैं। शैक्षणिक पाठ्यक्रमों के बजाए रूचि पर आधारित व्यावसायिक पाठ्यक्रम लेने का भी विकल्प है।
‘जेम्स पब्लिक स्कूल’ इंदौर दुबई की ‘‘जेम्स एजुकेशन ग्रुप’’ का एक हिस्सा है जो कि दुनिया की सबसे बड़ी ग्रेड-12 स्कूल एजुकेशन संस्था है। शिक्षा के क्षेत्र में इस ग्रुप को 55 सालों का अनुभव प्राप्त है। ये ग्रुप 14 देशों के 250 से अधिक स्कूलों के नेटवर्क के साथ दुनिया में केजी से ग्रेड -12 तक के कई बड़े स्कूलों को संचालित करता है। ‘‘जेम्स’’ मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका, अमेरिका, एशिया-पैसिफिक, यूरोप और भारत सहित दुनिया के छः क्षेत्रों में बड़े इंटरनेशनल स्कूलों का स्वतंत्र संचालन कर रहा है।






