- उत्तर प्रदेश ग्रेस ने चीमा को सात-0 से दी मात, कप्तान केतन ने दागे छह गोल
- रायल हाकी और यमुनानगर के बीच कांटे का रहा टक्कर
अखिल भारतीय केएल गर्ग-केडी सिंह बाबू बालक अंडर-14 प्राइजमनी हाकी प्रतियोगिता में शनिवार को पहला मैच रायल हाकी और यमुनानगर के बीच खेला गया। यह मुकाबला काफी टक्कर का रहा, जिसमें रायल हाकी ने दो-एक से यमुनानगर को मात देकर फाइनल में प्रवेश कर गया। वहीं दूसरा सेमीफाइनल मेजबान टीम उत्तर प्रदेश ग्रेस व चीमा एकेडमी के बीच अपराह्न तीन बजे शुरू हुआ, जिसमें मेजबान टीम ने एक तरफा सात-शून्य से जीत हासिल कर फाइनल में प्रवेश कर गयी। रविवार को उत्तर प्रदेश ग्रेस व रायल एकेडमी के बीच फाइनल मैच होगा।
पद्मश्री मोहम्मद शहीद शहीद सिंथेटिक हाकी स्टेडियम, गोमतीनगर में शनिवार को एक बजे पहला मैच रायल हाकी एकेडमी और यमुनानगर के बीच खेला गया। इस मैच में काफी कांटे की टक्कर हुई। चार राउंड में खेले जाने वाले मैच में दो राउंड तक कोई भी टीम गोल नहीं दाग सकी, लेकिन तीसरे राउंड में 32वें मिनट व 35वें मिनट में रायल हाकी एकेडमी ने एक-एक गोल दाग दिये, जबकि यमुनानगर कोई गोल नहीं दाग सका। चौथे राउंड का खेल शुरू होने पर 53वें मिनट में यमुनानगर की टीम ने एक गोलकर काफी हद तक दबाव बनाने का प्रयास की लेकिन दूसरा गोल नहीं दाग सकी और रायल हाकी एकेडमी दो-एक से मात देकर फाइनल में प्रवेश कर गयी।
दूसरा सेमीफाइनल मैच अपराह्न तीन बजे उत्तर प्रदेश ग्रेस और चीमा एकेडमी के बीच शुरू हुआ। इस मैच में शुरू से ही मेजबान टीम उत्तर प्रदेश ने चीमा पर दबाव बना दिया और मैच अंत तक एकतरफा रहा। पहले राउंड के चौथे मिनट में ही यूपी ग्रेस के कप्तान केतन कुशवाहा ने पहला गोल दाग दिया। जब दूसरा राउंड शुरू हुआ तो यूपी ग्रेस प्रदीप यादव ने 20वें मिनट में दूसरा गोल दागकर बढ़त को बरकार रखा।
इसके बाद तो दूसरे राउंड में ही 23वें मिनट, 25वें व 26वें मिनट में लगातार यूपी ग्रेस के कप्तान केतन कुशवाहा ने तीन गोल दागे कर दूसरे राउंड में ही पांच-शून्य से बढ़त बना ली। इसके बाद चीमा के खिलाड़ियों ने भी दबाव बनाने का प्रयास किया लेकिन 41वें मिनट में भी केतन ने एक गोल दाग दिये। चौथे राउंड के मैच शुरू होने पर 59वें मिनट में भी यूपी ग्रेस के कप्तान केतन ने पुन: एक गोल दागकर सात-शून्य से जीत दर्ज कर ली और रविवार को होने वाले फाइनल मैच में यूपी ग्रेस की टीम प्रवेश कर गयी। इस मैच के दौरान केतन ने कप्तान की भूमिका बखूबी निभाते हुए स्वयं छह गोल दागे।







