सकारात्मक विचारों से पाएं सफलता

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जब आप जीवन के प्रति सकारात्मक नजरिया अपना लेते हैं तो किसी भी कठिन परिस्थिति से निकलना मुश्किल नहीं होता। प्रतिकूल परिस्थितियों निपटने का अच्छा तरीका यह है कि आप सकारात्मक और विजय प्राप्त करने वाले विचारों से काम लें। सकारात्मक विचारों पर अडिग रहने का मतलब होता है आधी जंग जीत लेना। सकारात्मक विचारों को अपनाकर ही सफलता और असफलता के बीच के अंतर को पाट सकते हैं। जरूरी नहीं है कि हर परिस्थितियों में सफलता ही मिले, लेकिन हर परिस्थिति से कुछ न कुछ लाभ तो लिया ही जा सकता है। सकारात्मक व्यवहार हमें सभी तरह की परिस्थिति से वास्तविक मूल्यांकन की क्षमता प्रदान करता है । वहीं दूसरी तरफ नकारात्मक सोच बड़ी-बड़ी बाधाएं खड़ी कर देता है । कई बार ये बाधाएं वास्तविक होती हैं तो कई बार मात्र काल्पनिक!

नकारात्मक विचारों से स्वयं के साथ-साथ अपने सगे-संबंधियों को भी मानसिक ठेस पहुंचती है । इस कारण इससे बचने का उपाय करना चाहिए । सकारात्मक व्यवहार से ही हम इस तरह की बातों से पीछा छुड़ाते हुए स्वयं को नई परिस्थितियों के लिए तैयार कर सकते हैं । इसलिए स्वयं को मजबूत बनाने का प्रयास करना चाहिए । मानसिक रूप से मजबूत व्यक्ति प्रतिकूल परिस्थितियों में भी स्वयं को बिल्कुल सुरक्षित रखता है । इस तरह केव्यक्ति न केवल स्वयं को किसी घटना का शिकार होने से बचाते हैं बल्कि उन समस्याओं पर विजय भी प्राप्त करते हैं ।

जो भी व्यक्ति विजेता बनना या अपने व्यक्तितत्व का विकास करना चाहता है, उसे ज्यादा से ज्यादा ध्यान सकारात्मक व्यवहार पर केंद्रित करना चाहिए । इससे सभी तरह की उपलब्धियों को प्राप्त करने में सहायता मिलती है । सभी तरह की सुख-सुविधाओं का मालिक होने का मतलब सिर्फ खुशियां ही आपके हिस्से में हो, जरूरी नहीं है । सकारात्मक प्रवृति वाला व्यविᆬत सीमित आय में धनी व्यविᆬत की अपेक्षा ज्यादा खुश रह सकता है । जीवन को बदलने के लिए हमें खुद के बारे में बनाई गई धारणाओं को भी बदलना पड़ता है । जब हम अपनी सोच, व्यवहार और मान्यताओं में बदलाव लाते हैं तो पूरा जीवन स्वत: ही बदलने लगता है।

जब किसी सकारात्मक लक्ष्य के लिए अपने अंदर परिवर्तन लाते हैं तो कुछ भी पाना असंभव नहीं होता । स्वयं को बदलने की कुंजी हर व्यविᆬत के हाथ में होती है । ज्यादातर लोग समस्याएं आने पर ही खुद में बदलाव लाते हैं । जो व्यविᆬत हृदय रोग या डायबिटीज से पीडि़त हैं । उन्हें सामान्य जीवन जीने के लिए अपने खान-पान की आदतों में परिवर्तन लाना होता है । जीवन को आराम और चैन के साथ जीना भी हमारा एक उद्देश्य है । अंत: समस्या के पैदा होने से पहले ही अपने अंदर आवश्यक परिवर्तन लाना जरूरी होता है । किसी समस्या के उत्पन्न हो जाने के बाद दबाव में कुछ करने की बजाय यह एक बेहतर विकल्प है । हमारा लक्ष्य यह होना चाहिए कि हम खुद से किए गए वादों को पूरा करें । इन वादों को पूरा करने से हमें हमेशा लाभ मिलता है।

-नीतू सिंह

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