– सपा ने अपने बागी विधायकों की वापसी का फॉर्मूला तय कर दिया है। जिस रास्ते पार्टी से बाहर गए थे, उसी रास्ते से होकर अंदर आ सकते हैं।
– पिछले राज्यसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में उन्होंने क्रॉस वोटिंग की थी और इसी साल होने वाले राज्यसभा चुनाव में वोट देकर वे पार्टी में पुनः प्रवेश कर सकते हैं।
लखनऊ: यूपी की सियासत में नया ट्विस्ट! समाजवादी पार्टी ने अपने बागी विधायकों के लिए ‘वापसी का फॉर्मूला’ फाइनल कर लिया है – और वो तरीका है बिल्कुल ‘क्रॉस-वोट’ वाला रिवर्स गियर।
2024 के राज्यसभा चुनाव में जहां इन बागियों ने भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में क्रॉस-वोटिंग की थी (जिससे सपा को झटका लगा था), अब 2026 के राज्यसभा चुनाव (25 नवंबर से पहले) में सपा प्रत्याशियों को वोट देकर वे पार्टी में वापस आ सकते हैं। कोई माफी-पत्र नहीं, बस ‘लॉयल्टी प्रूफ’ के तौर पर वोट!
सूत्रों के मुताबिक, कई बागी विधायक अब BJP सरकार में अपेक्षित महत्व न मिलने से बेचैन हैं। कुछ पहले ही अखिलेश यादव के संपर्क में पहुंच चुके हैं। पार्टी का रुख साफ है – “नकारात्मक नहीं हैं, लेकिन समर्पण साबित करो।” यानी, इस बार साइकिल के पक्ष में वोट डालकर ‘पुनःप्रवेश’ का टिकट कटेगा।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि 2027 विधानसभा से पहले यह ‘रे-एंट्री’ BJP को बड़ा झटका दे सकती है। आखिरकार, “जिस रास्ते गए थे, उसी से लौटो” – अखिलेश का यह मैसेज बागियों के लिए ‘लाइफलाइन’ बन गया है।
क्या बागी अब ‘साइकिल’ पर सवार होंगे? या फिर ‘माया मिली न राम’ वाली हालत बनी रहेगी? UP पॉलिटिक्स का यह ‘रिवर्स-क्रॉस’ ड्रामा अब शुरू!







