लखनऊ विश्वविद्यालय ने आयोजित करायी प्रतियोगिता
लखनऊ विश्वविद्यलय के नवीन परिसर में चल रही त्रिदिवसीय छद्म न्यायालय प्रतियोगिता का समापन रविवार को हो गया। विधि संकाय द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में सिम्बोसिस ला स्कूल हैदराबाद की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं से आई हुई एडवोकेट बाबासाहेब आप्टे स्कूल ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की टीम ने सर्वश्रेष्ठ मेमोरियल का पुरस्कार जीता। पूजा सोनी को सर्वश्रेष्ठ रिसर्चर के पुरस्कार से एवं साक्षी अग्रवाल को सर्वश्रेष्ठ स्पीकर के पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया। इन विद्यार्थियों का मार्गदर्शक अभिभाषण विधि संकाय के प्रमुख एवं विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सीपी सिंह द्वारा दिया गया और उन्होंने ये आश्वासन भी दिया कि इस तरह की प्रतियोगिताएँ निरंतर एवं निर्बाध रूप से जारी रहेंगी और बहुत जल्द विधि संकाय देश का सर्वश्रेष्ठ संकाय होगा। ये कार्यक्रम विधि संकाय के विभागाध्यक्ष द्वारा लिए गए प्रण कि विश्वविद्यालय को शीघ्र-अतिशीघ्र देश का सर्वश्रेष्ठ संकाय बनाना है, को सार्थक बनाने में उठाया गया एक बड़ा कदम है।
हार उस पद को प्राप्त करने के मार्ग को प्रशस्त करती है: गौरव गुप्ता
रविवार के दिन का प्रारंभ लखनऊ विश्वविद्यालय मूट कोर्ट एसोसिएशन के विद्यार्थी-संयोजक गौरव गुप्ता के अभिभाषण से हुआ। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हार-जीत के मायने अलग हो सकते हैं। भाव अलग हो सकते हैं, किन्तु वे व्यक्ति के लक्ष्य प्राप्ति के मार्ग में विभिन्न आयामों के साथ बराबर अपनी भूमिका निभाते हैं। जीत व्यक्ति को प्रेरित करती है कि वो व्यक्ति उस पद पर सदैव आसीन रहे, जबकि हार उस पद को प्राप्त करने के मार्ग को प्रशस्त करती है। आज सेमी फाइनल और फाइनल राउंड के मुकाबले हुए।
पांच लोगों ने मैच में निभायी जज की भूमिका:
फाइनल मुकाबले का निर्णय पांच सदस्यीय पीठ द्वारा किया गया, जिसमें न्यायमूर्ति राकेश सिंह , न्यायमूर्ति शैलेंद्र सक्सेना, न्यायमूर्ति महेंद्र दयाल, न्यायमूर्ति रंगनाथ पांडेय एवं सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता विवेक तनवर रहे।
प्रतियोगिता में आये हुए विद्यार्थियों एवं अतिथियों का आभार प्रदर्शन लखनऊ विश्वविद्यालय मूट कोर्ट कमेटी के शिक्षक-संयोजक श्री पंचऋषि देव शर्मा जी द्वारा किया गया।







