एकतरफा तलाक में घरेलू हिंसा विरोधी कानून के तहत हो कार्रवाई: बीएमएमए

0

नयी दिल्ली, 4 अक्तूबर।  मुस्लिम समाज में तीन तलाक की प्रथा के खिलाफ लडाई में प्रमुख भूमिका निभाने वाले संगठन भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन ने आज सरकार से आग्रह किया कि एकतरफा तलाक को लेकर शिकायत करने वाली मुस्लिम महिलाओं के मामलों में घेरलू हिंसा विरोधी कानून के प्रावधानों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बीएमएमए ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और राष्ट्रीस महिला आयोग को पत्र लिखकर यह आग्रह किया है।
संगठन की संस्थापक नूरजहां सफिया नियाज की ओर से जारी बयान में कहा गया है, बीएमएमए ने राष्ट्रीय महिला आयोग और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को पत्र लिखकर कहा है कि एकतरफा तलाक के मामलों में मुस्लिम महिलाओं की शिकायत पर घरेलू हिंसा विरोधी कानून-2005 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। देश भर के थानों को इस संदर्भ में सूचित किया जाना चाहिए कि तीन तलाक को लेकर शिकायत करने वाली महिलाओं को पहले की तरह वापस नहीं भेजा जाए, बल्कि उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई की जाए।

गौरतलब है कि 22 अगस्त को देश की सर्वाेच्च अदालत ने अपने बहुमत के फैसले में एक बार में तीन तलाक को गैरकानूनी और असंवैधानिक करार दिया था।

उन्होंने कहा कि राज्य महिला आयोगों और महिला एवं बाल विकास विभागों को भी अधिसूचित किया जाए कि उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि अब कोई मुस्लिम महिला एक बार में तीन तलाक की शिकार नहीं बने।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here