कला का मतलब अलग-अलग लोगों के लिये अलग-अलग हो सकता है। कुछ लोग सोचते हैं कि असली कलाकार बनने के लिये आपको पेंटिंग्स या मूर्तियां बनानी होंगी। कुछ का मानना है कि या तो आप कलाकारी का टैलेंट लेकर जन्मे हैं या नहीं। लेकिन कुछ लोगों के लिये कला अपनी भावनाओं और विचारों को प्रकट करने का माध्यम है। भाविका शर्मा सोनी सब के ‘मैडम सर’ में दबंग संतोष की भूमिका के लिये जानी जाती हैं। उन्होंने बताया कि कला कैसे शांति पाने में उनकी मदद करती है और काम का एक व्यस्त दिन बिताने के बाद उन्हेंं खुशी और तसल्लीे का अहसास देती है।
अपनी कला के फायदों के बारे में भाविका कहती हैं कि कला उनके लिये तनाव से मुक्ति के सर्वश्रेष्ठत माध्यमों में से एक है, क्योंंकि यह शांत और सहज रहने में उनकी मदद करती है।

संतोष शर्मा की भूमिका निभा रहीं भाविका कहती हैं, ‘’बचपन से ही मेरा रूझान किसी और चीज के बजाय कला में ज्यादा रहा है। मैं पेंटिंग या कलरिंग से खुश हो जाती थी। समय के साथ मैं कला का इस्तेमाल शांति पाने के लिये करती रही हूं है और आज भी यह एक ऐसी एक्टिविटी है, जो शांति पाने में मेरी मदद करती है। कला शांतिदायक हो सकती है, क्योंकि आप तनाव की किसी भी भावना को कैनवास पर लाकर कोई खूबसूरत चीज बना सकते हैं। मैं यह भी मानती हूं कि कला खुशी के पलों और जिन्दभगी की उन घटनाओं को संजोने, लिखने और याद रखने का एक मौका है, जो आपका मूड तुरंत अच्छा कर सकती हैं। अगली बार आप जब भी वॉक के लिये जाएं, अपने साथ कैमरा रखें, अपने बेडरूम की खिड़की से सूर्यास्त का दृश्य बनाएं या अजनबियों की मुस्कुजराहट को कैमरे में कैद करें। मैं आपको विश्वास दिला सकती हूं कि इससे आपको एक बेहतरीन अहसास मिलेगा।‘’
उन्होंनने आगे कहा, ‘’पेंटिंग या फोटोग्राफी के एक शांत सेशन के बाद मैं ज्याादा एनर्जेटिक और पॉजिटिव महसूस करती हूं। खासकर इस कठिन समय में, कला ने मुझे इसका मुकाबला करने और पॉजिटिव रहने में मदद की है। कला ने यह विचार बनाये रखने में मेरी मदद की है कि जल्दीा ही सबकुछ सामान्य हो जाएगा।







