आरक्षण समर्थकों की सरकार से मांग सभी विश्वविद्यालयों में दलित छात्रों के उत्पीड़न की रोकथाम के लिये सरकार अलग से कराये एक निगरानी सेल का गठन
लखनऊ, 17 जनवरी 2019: आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र संयोजक मण्डल ने रोहित वेमुला की शहादत की तीसरी वर्षी पर याद करते हुए उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किया। इस अवसर पर आरक्षण समर्थकों द्वारा रोहित वेमुला के पूरे मामले में षडयंत्र करने वाले असली दोषियों को आज तक न पकड़े जाने पर भी आक्रोश व्यक्त किया गया।
आरक्षण समर्थकों ने केन्द्र की मोदी सरकार से यह मांग उठायी कि जिस प्रकार से पूरे देश में दलित उत्पीड़न की घटनायें बढ़ी हैं, ऐसे में उस पर अंकुश लगाने के लिये कठोर कदम उठाना चाहिए और सभी राज्यों में बढ़ती दलित घटनाओं की रोकथाम के लिये एक टास्क फोर्स का गठन भी करना चाहिए। जिससे बाबा साहब द्वारा बनायी गयी संवैधानिक व्यवस्था के तहत दलित समाज को संविधान प्रदत्त पूर्ण अधिकार मिल सके। आरक्षण समर्थकों ने सभी विश्वविद्यालयों में दलित छात्रों के उत्पीड़न की रोकथाम के लिये एक अलग सेल स्थापित कर निगरानी करने की भी मांग उठायी है।
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र के संयोजकों सर्वश्री अवधेश कुमार वर्मा, केबी राम, आरपी केन, अनिल कुमार, अजय कुमार, श्यामलाल, अन्जनी कुमार, लेखराम, अशोक सोनकर, प्रेम चन्द्र, दिनेश कुमार, राम नारायन, घनश्याम सोनकर, सुनील कनौजिया, शिवराम ने कहा जिस प्रकार से विगत दिनों एससी/एसटी एक्ट को लेकर पूरे देश में विरोध हुआ वह पूरी तरीके से न्याय संगत नहीं था। यह बात कोई भी समझने को क्यों नहीं तैयार होता कि दलित उत्पीड़न की घटनायें लगातार क्यों बढ़ रही है? एससी/एसटी एक्ट का विरोध वही लोग कर रहे थे जो लोग संविधान को नहीं मानते। केन्द्र व राज्य सरकारों को ऐसे सभी उपाय करने चाहिए जिससे विश्वविद्यालयों में रोहित वेमुला जैसे उत्पीड़न का शिकार किसी भी छात्र को न होना पड़े।






