लखनऊ, 12 अगस्त 2018: संघर्ष समिति ने कहा कि जहाॅ हम सभी एक ओर धरना प्रदर्शन कर राष्ट्रद्रोहियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग कर रहे हैं वहीं आज आरक्षण बचाओं संघर्ष समिति की तरफ से देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को एक पत्र भेजा गया है और पूरे मामले पर हस्तक्षेप करते दोषियों के खिलाफ राष्ट्रद्रोह के तहत मुकदमा चलाये जाने की मांग की गई है और इस पूरे मामले पर उच्च स्तरीय जाॅच कराये जाने का मुद्दा उठाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को भेजे गये पत्र में यह भी अनुरोध किया गया है कि पूरे देश के दलित समाज में लगातार आक्रोश फैल रहा है इसलिये दोषियों के खिलाफ कार्यवाही कराने के लिये पीएमओ का हस्तक्षेप बहुत जरूरी है।
इस मौके पर आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा,, डा रामशब्द जैसवारा आरपी केन, अनिल कुमार, अजय कुमार, लेखराम,, महेन्द्र सिंह, दिग्विजय सिंह, अशोक सोनकर, प्रेमचन्द्र, अजय चौधरी, निवास राव, जितेन्द्र कुमार, राजेश पासवान, प्रभू शंकर, अरविन्द फरसोवाल, वृहदृथ वर्मा और सुनील कनौजिया ने एक सयुंक्त बयान में कहा कि जिस प्रकार इस घटना का खुलासा होने के बाद भारतीय संविधान पर बड़ी बड़ी बात करने वाली पार्टियां चुप होकर तमाशा देख रही है वह भारत के संविधान के लिये खतरनाक है।
संघर्ष समिति ने सभी राजनैतिक पाटियों से इस मामले पर हस्तक्षेप करते हुए दोषियों को सजा दिलाने हेतु उनसे सहयोग की अपील की है। कोई भी असामाजिक तत्व जो भारत के संविधान का अपमान कर रहा है वह पूरी तरह संविधान विरोधी कार्यवाही में आता है ऐसे राष्ट्रद्रोहियों के खिलाफ समय रहते यदि कठोर कार्यवाही न की गयी तो आने वाले समय में ऐसे असामाजिक तत्वों को बढ़ावा मिलेगा और वह देश की सम्प्रभुता व अखण्डता के लिये घातक सिद्ध होगा।







