सिक बिल्डिंग सिंड्रोम को दूर कर रहा है माई गमला का न्यू स्टार्ट अप

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लखनऊ, 30 जनवरी 2019: लखनऊ शहर में बढ़ते हुए प्रदूषण और उससे होने वाले प्रभाव को कम करने के लिए माई गमला ने नया स्टार्ट अप लखनऊ में लांच किया है जो कि मुख्यता नासा के शोध पर आधारित है।
बता दें कि नासा ने एसोसिएटेड लैंडस्केप सोइयेटी ऑफ़ अमेरिका के साथ में एक शोध किया जिसमें नासा ने पौधों और मनुष्यों के बीच में बढ़ती दूरी को कम करने का प्रयास किया है। इसी शोध को माई गमला ने अपना बिज़नेस मॉडल बना के ग्रीन गिफ्टिंग और ग्रीन आइडियाज और सस्टेनेबल पर्यावरण को एक ब्रांडिंग करने का एक बेहतरीन  काम किया है।
इस कंपनी की को फाउंडर श्रीमती वर्षा श्रीवास्तव ने कहा कि आज कल शहरीकरण की वजह से लोग प्लांट्स से दूर होते जा रहे हैं और इसी दूरी को भरने तथा उसके बारे में लोगों को बताने का काम हम लोगो ने शुरु किया है। आज कल 30से 40 % घरो में पुअर वेंटिलेशन के कारण लोग सिक बिल्डिंग सिंड्रोम का शिकार हो जाते हैं।
सिक बिल्डिंग सिंड्रोम में घरो में गैसों का आदान प्रदान न होने की वजह से होता है और यह उन लोगो को प्रभावित करता है जो ज्यादा समय घरो की दीवालो में बंद रहते है जैसे बच्चे, महिलाये, बुजुर्ग। इस सिंड्रोम की वजह से बिना किसी कारण आपको चक्कर आना, जी मचलाना, थकावट, सर का दर्द करना और स्वशन रोग  इत्यादि शामिल है। यह रोग घर बदलने या घर के अंदर का पर्यावरण बदलने से ठीक हो जाता है।
इस रोग को कम करने के लिए माई गमला ने नासा सर्टिफाइड प्लांट्स को हर घर में पहुंचाने का काम गिफ्ट के माध्यम से करने का प्रयास किया है।

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