डॉ दिलीप अग्निहोत्री
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी ढाई वर्ष की उपलब्धियों को बड़ा मुद्दा बना चुके है। अभी उनके पास ढाई वर्ष शेष है, इसमें विकास की गति बढ़ने की संभावना है। फिर भी योगी मात्र ढाई वर्षों के बल पर सपा व बसपा से मुकाबले को तैयार है। नई दिल्ली में वाईपीओ के दिल्ली चैप्टर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में योगी के ऐसे ही तेवर दिखाई दिए। यहां उन्होंने उद्यमियों को सम्बोधित किया।
कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश की अपार सम्भावनाएं मौजूद हैं। जिन्हें राज्य सरकार सही वातावरण देकर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। राज्य की कानून व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर में व्यापक सुधार के चलते प्रदेश में दो लाख करोड़ रुपए के निवेश के प्रस्ताव जमीन पर उतारे जा चुके हैं। राज्य के विकास को आज जो तेज गति मिली है। यह बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और सुदृढ़ कानून व्यवस्था का ही परिणाम है। आज उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी बहुत बेहतर हुयी है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर तेजी से काम चल रहा है। अगले एक वर्ष के पहले ही इसका कार्य पूरा होने की सम्भावना है।
बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे और गंगा एक्सप्रेस वे पर भी जल्द ही कार्य शुरू किया जाएगा। प्रदेश सरकार राज्य की आर्थिक विकास की गति को और तेज करने के लिए कटिबद्ध है। इसके मद्देनजर सरकार आईआईएम के विशेषज्ञों की भी सहायता ले रही है। कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री ने अपनी मंत्रिपरिषद के साथ प्रबंधन संस्थान के विशेषज्ञों के साथ तीन चक्र में मंथन किया था। इससे जाहिर हुआ कि योगी आदित्यनाथ अगले ढाई वर्ष में विकास और सुशासन की गति बढाना चाहते है। अगले करीब चार वर्षों में उत्तर प्रदेश ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा। प्रदेश सरकार ने कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में कड़े कदम उठाए हैं।इसलिए उद्यमियों का विश्वास बहाल हुआ है। वह उत्तर प्रदेश निवेश को लेकर आश्वस्त हैं।
उद्यमी सरकार से उनके निवेश की सुरक्षा के लिए बेहतर कानून व्यवस्था की अपेक्षा करते हैं। राज्य सरकार इस कसौटी को पूरा कर रही है। प्रदेश की कनेक्टिविटी बढ़ाने पर तेजी से काम किया जा रहा है। जब योगी सरकार ने कार्यभार ग्रहण किया था उस समय मात्र दो शहरों में एयरपोर्ट थे। आज इनकी संख्या बढ़कर छह हो चुकी है। जबकि ग्यारह नए एयरपोर्ट के निर्माण पर काम चल रहा है। मेट्रो रेल सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में भी कई जिलों में काम चल रहा है। राज्य सरकार हर जनपद मुख्यालय को फोर लेन राजमार्ग से जोड़ने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रही है।
ईस्टर्न और वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर दादरी के पास मिलते हैं, जिसके पास प्रदेश सरकार एक लाॅजिस्टिक्स पार्क बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। इस वर्ष राज्य सरकार ने प्रदेश में तीन सफल आयोजन किए हैं। प्रयागराज में कुम्भ का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन किया। नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में इस बार कुम्भ में टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया गया। इसे वैश्विक स्तर पर सफल बनाया। पन्द्रहवें प्रवासी भारतीय सम्मेलन का भी वाराणसी में सफल आयोजन सम्पन्न हुआ।
लोकसभा चुनाव में एक लाख तीरसठ हजार बूथों पर चुनाव सम्पन्न कराया गया। इनमें कहीं भी कोई भी हिंसा की घटना नहीं हुई। प्रदेश में पहले चुनौतियां ज्यादा थी। राज्य सरकार के प्रयासों से आज उत्तर प्रदेश को नई पहचान मिली है। वर्तमान सरकार ने चुनौतियों को सफलता में बदला दिया है। निवेश बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।जिस प्रकार आज भारत दुनिया में निवेश का गंतव्य है, उसी प्रकार देश के अन्दर उत्तर प्रदेश निवेश का सबसे पहला गंतव्य है। प्रदेश सरकार ने इक्कीस सेक्टरों में निवेश के लिए पॉलिसी बनायी है।
इससे प्रदेश की अर्थ व्यवस्था को एक ट्रिलियन बनाने में सफलता मिलेगी। पूरे एशिया में सबसे कम टैक्स रेट होने से यहां के उद्यमी अपना माल आसानी से निर्यात कर सकेंगे। आज प्रदेश ने निर्यात के मामले में काफी बढ़त दर्ज की है।






