टीबी से लड़ने के लिए अब सोशल मीडिया बनेगा हथियार

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मिशन टीबी

  • प्रिंट, इलेक्ट्रानिक के अलावा टिवटर, फेसबुक का भी लेंगे सहारा
  • सोशल मीडिया का ब्लू प्रिंट लगभग तैयार
  • विश्व को 2030 तक टीबी मुक्त करने की है योजना
  • पीएम ने 2025 तक टीबी मुक्त भारत करने की बात दोहराई

लखनऊ, 17 मार्च। टीबी यानी टयूबरक्लोसिस को खत्म करने के लिए प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग अब शोशल मीडिया का सहारा लेने जा रहा है। इसके लिए सोशल मीडिया के चर्चित प्लेटफाम्र्स जैसे फेसबुक, टिवटर, इंन्साट्राग्राम, लिंक्डइन आदि के जरिए टीबी के प्रति जागरूक किया जाएगा। टिवटर पर #India Vs TB और #UP Vs TB के जरिए टीबी की जानकारी सीधे दी जा सकेगी। इस वेबसाइट पर अच्छे संदेशों को रिटिवट भी किया जा सकेगा।

imaging:shagunnewsindia.com

केन्द्र सरकार की मंशा के अनुरूप उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य महकमा टीबी के खिलाफ अभियान छेड चुका है। प्रदेश में अलग-अलग अभियानों के जरिए जिलों में टीबी के मरीज खोजे गए हैं। वहीं लखनऊ में टीबी की जांच के लिए विशेष सुविधा मिलने जा रही है। 24 मार्च यानी विश्व टीबी दिवस के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में लखनऊ में एक बड़ा कार्यक्रम होने जा रहा है। वहीं इस वर्ष केन्द्र सरकार बजट 2018-19 में टीबी के मरीजों को 500 रूपए प्रति माह देने की घोषणा कर चुकी है। यानी कि एक अपै्रल से टीबी के के हर मरीज को प्रति 500 रूपये अपनी सेहत का ख्याल रखने के लिए मिलने लगेंगे।

पूरी दुनिया के कुल मरीजों की संख्या के 25 प्रतिशत मरीज सिर्फ भारत में पाये जाते हैं। वहीं वर्ष 2016 में भारत में कुल मरीजों की संख्या 28 लाख थी जबकि उसी साल टीबी से साढ़े चार लाख लोगों ने जान गवाईं। टीबी के खिलाफ पूरी दुनिया एक जुट है और सभी देशों में वर्ष 2030 तक टीबी खत्म करने की योजना है। हालांकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत करने की बात हाल ही में दोहरा चुके हैं।

लखनऊ चिकित्साधिकारी एनके अग्रवाल ने बताया कि शासन की मंशा के अनरूप कदम उठाये जा रहे हैं। टीबी के खिलाफ जागरूगता बढ.ाने के लिए हमने लगभग ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है। इस बार हम शोशल मीडिया का भी सहारा लेने जा रहे हैं। इसमें प्रचलित वेबसाइट्रस की मदद ली जाएगी।

टीबी के इलाज के लिए डाॅक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल के आयुर्वेद चिकित्सक एस.के. पाण्डेय ने बताया कि टीबी के इलाज के दौरान मरीज को अधिकाधिक आराम करना चाहिए। भोजन में गरिष्ठ खाद्य पदार्थ यानी दूध, घी, पनीर आदि को प्राथमिकता के साथ खाएं।

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