दलित अभियन्ताओं के ‘समूह-क’ के मामले में ऊर्जा मंत्री का निर्देश

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file photo
  • प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा व उप्र पावर आफिसर्स एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष के साथ दलित अभियन्ताओं के मामले को लेकर स्थानान्तरण नीति पर हुई चर्चा
  • ऊर्जा मंत्री ने एसोसिएशन के पत्र पर अध्यक्ष पावर कार्पोरेशन को दिये लिखित निर्देश पूरे मामले पर परीक्षण कर नियमों के अनुकूल ही की जाये कार्यवाही
लखनऊ, 23 अप्रैल। सपा सरकार में बिजली कम्पनियों में समूह-क के सैकड़ों दलित अभियन्ताओं को रिवर्ट कर समूह-ख में पदास्थापित किये जाने के बाद भी उनके रिवर्ट अवधि की गणना समूह-क के कार्यकाल में जोड़कर किये जाने को लेकर जहां पूरे प्रदेश के दलित अभियन्ताओं में स्थानान्तरण नीति 2018-19 को लेकर काफी आक्रोश व्याप्त था, आज वहीं पूरे प्रदेश के बिजली कम्पनियों में कार्यरत दलित अभियन्ताओं को ऊर्जा मंत्री के निर्देश के बाद काफी राहत मिलना तय है।
गौरतलब है कि कुछ बिजली कम्पनियों में समूह-क के पद पर 10 वर्ष की गणना रिवर्ट अवधि को लेकर भी की जा रही थी। उप्र पावर आफीसर्स एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आज पूरे मामले को लेकर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा से सचिवालय स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात कर उन्हें एक पत्र सौंपा और विस्तार से चर्चा करते हुए यह अवगत कराया कि सपा सरकार में सैकड़ों दलित अभियन्ताओं को समूह-क से ख में रिवर्ट कर दिया गया था और उन्हें वर्ष 2012 व उसके बाद अधिशासी अभियन्ता माना गया था। लेकिन कुछ बिजली कम्पनियों द्वारा अपने स्थानान्तरण नीति में समूह-क के कार्यकाल की गणना रिवर्ट अवधि को जोड़कर की जा रही है, जिससे वह 10 वर्ष की स्थानान्तरण नीति में आ जायें। ऐसा होने पर प्रदेश के दलित अभियन्ताओं के साथ अन्याय होना तय है। इस प्रकार की कार्यवाही से उन्हें दोहरा दण्ड मिल रहा है।
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा ने एसोसिएशन के पत्र पर उसी क्षण अध्यक्ष पावर कार्पोरेशन को पूरे मामले पर परीक्षण कर नियमों के अनुकूल कार्यवाही करने का लिखित निर्देश जारी किया गया साथ ही एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष को यह आश्वस्त भी किया गया कि किसी भी दलित अभियन्ता के साथ इस सरकार में कोई भेदभाव नहीं किया जायेगा। ।

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