डॉ दिलीप अग्निहोत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था को फाइव ट्रिलियन तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया था। उनकी प्रेरणा से योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के योगदन की घोषणा की थी। योगी का कहना था कि देश की फाइव ट्रिलियन इकोनॉमी में उत्तर प्रदेश का योगदान वन ट्रिलियन होगा। इसी के साथ योगी ने केंद्र की योजनाओं में उत्तर प्रदेश को बढ़त दिलाई। उनकी सरकार अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में सक्रिय है। सरकार के पिछले तीन बजट इसी विचार के अनुकूल थे। योगी ने दावा किया कि वर्तमान बजट प्रदेश के विकास को आगे ले जाएगा। विधानसभा में बजट प्रस्तुत होने के बात उन्होंने पत्रकारों को संबोधित किया। कहा कि पहली बार राज्य के मूल बजट ने पांच लाख करोड़ रुपए की सीमा पार की है।गांव,गरीब,मजदूर, किसान,महिला,नौजवान, व्यापारी आदि सभी का ध्यान रखा गया।
यह विकासोन्मुखी बजट है। बजट में वित्तीय अनुशासन का पालन किया गया। राजकोषीय घाटे को एफ आर बीएम की तीन प्रतिशत की सीमा के अन्तर्गत रखा गया है। अभी लखनऊ में हुए डिफेंस एक्सपो से पचास हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे अक्टूबर तक चालू हो जाएगा। बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे का इसी महीने व गंगा एक्सप्रेस वे का शिलान्यास इस वर्ष के अन्त तक किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रस्तुत जेवर में अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे, अयोध्या में एयरपोर्ट सहित ग्यारह अन्य एयरपोर्ट के लिए बजट धनराशि प्रस्तावित है। इण्टरस्टेट कनेक्टिविटी और जिला मुख्यालयों को फोर लेन करने के लिए भी धनराशि का प्रस्ताव है। इस सरकार के सभी बजट विकास विजन के अनुरूप है। पहला बजट किसानों को समर्पित था। व दूसरा बजट औद्योगिक विकास तथा बुनियादी ढांचागत सुविधाओं के विकास के लिए था। तीसरा बजट महिलाओं सशक्तिकरण के माध्यम से समाज में उनके प्रति समर्पित था। जबकि यह बजट युवाओं को समर्पित है। यह समग्र विकास तथा प्रदेश की व्यपक सम्भावनाओं को प्रस्तुत करने के लिए है। युवाओं के लिए कई योजनाएं प्रस्तावित की गईं हैं। युवा हब स्थापित किया जाएगा। प्रदेश को शिक्षा का केन्द्र बनाया जाएगा।अट्ठाइस निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए नियमावली गठित की है।
सहारनपुर,आजमगढ़ व अलीगढ़ में विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु बजट प्रस्तावित है। इसके अलावा लखनऊ में चिकित्सा विश्वविद्यालय गोरखपुर में आयुष विश्वविद्यालय तथा प्रयागराज में विधि विश्वविद्यालय के लिए भी प्रस्ताव किया गया है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन हुआ है। अट्ठाइस मेडिकल काॅलेज बनाए जा रहे हैं। सात मेडिकल काॅलेजों में इस वर्ष प्रवेश प्रारम्भ हो गया है। इक्कीस मेडिकल काॅलेजों के निर्माण की प्रक्रिया चल रही है।अगले वर्ष तक राज्य के प्रत्येक जनपद में मेडिकल काॅलेज की स्थापना की दिशा में कार्य हो रहा है।







