Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Saturday, October 3
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग

    जब बाड़ ही खेत को खाने लग जाए, तो खेत बचाएगा कौन…

    ShagunBy ShagunMay 21, 2025 ब्लॉग No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 419

    करप्शन रोकने वाले ही करप्ट होंगे, तो करप्शन रूकेगा कैसे, एएसपी शर्मा जैसे और भी कई अफसर होंगे

    ओम माथुर

    अब आपकी भी समझ में आ गया होगा कि राजस्थान में भ्रष्टाचार क्यों बढ़ रहा है? क्यों यह कहा जाने लगा है कि राजस्थान में हर विभाग में भ्रष्टाचार है? क्यों यह जनधारणा बन गई है कि किसी भी पार्टी की सरकार हो,कोई भी काम हो,बिना कुछ दिए नहीं होगा। जाहिर है जब भ्रष्टाचार को रोकने वाले एंटी करप्शन विभाग के अधिकारी ही करप्शन करने में जुटे हो,तो हो तो भ्रष्टाचार मिटेगा भी कैसे?

    एंटी करप्शन ब्यूरो के एएसपी सुरेंद्र कुमार शर्मा खुद फिल्मों की तरह वसूली के लिए अपना गिरोह चला रहे थे। बाकायदा विभागवार दलाल बना रखे थे। उन पर हैड दलाल भी था। जो अधिकारी-कर्मचारी पैसा नहीं देता था, उसे खुद फोन कर सर्जिकल स्ट्राइक की यानी रेड- गिरफ्तारी की धमकी देते थे। हर विभाग के लिए अलग-अलग दलाल काम कर रहे थे। हर विभाग को देने वाली धमकी भी अलग-अलग थी। सुरेंद्र कुमार शर्मा तो चपेट में आ गए। लेकिन जनता में हमेशा से यह आम धारणा है कि भ्रष्टाचार रोकने का जिम्मेदार विभाग खुद ही बुरी तरह से भ्रष्ट है। इसके अधिकारी और उनके गुर्गे दूसरे विभाग के अफसरों और कर्मचारियों को ब्लैकमेल कर उनसे वसूली करते हैं और यह सिलसिला आज से नहीं सालों से चल रहा है। लेकिन जो पकड़ा गया वो ही चोर के कारण सुरेंद्र सिंह सुर्खियों में है।

    ये आरोप लगते रहे हैं कि एंटी करप्शन ब्यूरो के कई अधिकारी किसी विभाग के अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ शिकायत मिलने पर ( अगर मोटी रकम मिलने की उम्मीद हो तो) पहले संबंधित अधिकारी या कर्मचारी तक अपने दलालों के जरिए यह संदेश पहुंचाते हैं कि उनके खिलाफ करप्शन की शिकायत मिल रही है। समझदार भ्रष्टाचारी ऐसे में कार्रवाई से बचने के लिए कीमत चुकाने को तैयार हो जाते हैं। इसके बाद उन्हें बचने और सतर्क रहने की कोचिंग खुद एसीबी के भ्रष्ट अफसरों से मिल जाती है। फिर चैन से हराम की कमाओ और एक हिस्सा एसीबी तक पहुंचा कर ईमानदार भी बने रहो। ऐसा नहीं है कि एंटी करप्शन ब्यूरो के सभी अधिकारी भ्रष्ट हैं। लेकिन जिस तरह एक मछली सारे तालाब को गंदा कर देती है, उसी तरह शर्मा जैसे अधिकारी पूरे महकमे की बदनामी पर सच्चाई की मुहर तो लगा ही देते हैं।

    सवाल ये भी है कि जिन विभागों के अधिकारी आसानी से सुरेंद्र सिंह जैसे एसीबी के करप्ट अधिकारियों को पैसा दे देते हैं,वह खुद भी कितने बड़े रिश्वतखोर होंगे। जाहिर है अपने विभागों में जी भरकर भ्रष्टाचार कर रहे होंगे, इसलिए डर रहे होंगे। इस मामले में करीब 50 से अधिक सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों को चिन्हित किया गया है, जिन्होंने सुरेंद्र सिंह शर्मा को उसके दलालों के मार्फत पैसा पहुंचाया है। शर्मा प्रकरण का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि जिन विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों से धमकाकर वसूली की जा रही थी, वो महकमे अवैध खनन धंधे से जुड़े हैं। जैसे वन विभाग के अधिकारियों को कहा जाता था कि उनके क्षेत्र में बहुत अवैध खनन हो रहा है और इसके लिए वसूली चल रही है। परिवहन विभाग के अधिकारियों को खनन के ओवरलोड वाहनों को पैसे लेकर पास कराने का धमकी दी जाती थी। पुलिस वालों पर भी अवैध खनन में शामिल लोगों और वाहनों को संरक्षण देने का धमकी दी जाती थी। इससे यह तो अंदाजा लग जाता है कि राजस्थान में अवैध खनन कई विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों औय नेताओं के लिए मोटी कमाई का जरिया है। जब इसमें पुलिस और एंटी करप्शन के अफसर भी शामिल हो जाएं, तो मामला सैयां भए कोतवाल अब डर काहे जैसी हो जाता है।

    शायद इसीलिए सरकार की तमाम कोशिशों ( दिखावटी ज्यादा लगती है) के बावजूद राजस्थान में अवैध खनन नहीं रूक पाता है। कुछ दिन अभियान चलाकर सरकार भी खामोश हो जाती है। आप सिर्फ तीन उदाहरण से इसे समझ सकते हैं कि राजस्थान में खनन माफिया कितना प्रभावशाली है और नोटों और दादागिरी दोनों से सभी को जेब में रखता है।

    1. पहला-राजस्थान हाईकोर्ट में जब सीबीआई को राजस्थान में अवैध खनन और परिवहन की जांच के आदेश दिया था, तो सीबीआई ने यह कहकर इंकार कर दिया कि जांच में राज्य सरकार सहयोग नहीं कर रही है।
    2. दूसरा-भाजपा के विधायक अजय किलक ने विधानसभा में डेगाना विधानसभा क्षेत्र में अवैध बजरी खनन की शिकायत की और एसपी पर आरोप लगाया।
    3. तीसरा- मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने बीसलपुर से रोजाना 7 करोड़ रुपए की बजरी के अवैध खनन होने का आरोप लगाया। इसीलिए सुरेंद्र कुमार शर्मा ने भी ऐसे विभागों का अवैध वसूली के लिए चयन किया, जिसके अधिकारी और कर्मचारी खुद अवैध खनन से अपनी जेबें भरते थे। यूं बाकी विभागों नगरीय, स्वायत्त शासन, चिकित्सा, आबकारी, पीएचईडी,पीडबल्यूडी आदि में भी भ्रष्टाचार है। लेकिन वहां निरंतरता इतनी नहीं है,जितनी खनन विभाग में है। बहरहाल, 30 जून को होने वाला शर्मा का रिटायरमेंट अब बिगड़ गया है। लेकिन सवाल यही है कि जब तक ऐसे करप्ट अफसरों को पकड़ने के लिए निरंतर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक करप्शन रुकने वाला नहीं है। क्योंकि जब बाड़ ही खेत को खाने लग जाएगी, तो उसकी रखवाली कौन करेगा।

    Shagun

    Keep Reading

    Victory in the Banda seat will now become a reality for the SP!

    सपा के लिए बांदा सीट की विजय अब बनेगी हकीकत!

    The future belongs to clean, green, and sustainable energy: A. K. Sharma

    आने वाला समय स्वच्छ, हरित व टिकाऊ ऊर्जा का: ए. के. शर्मा

    नालसा का एलएडीसी सिस्टम खत्म करने का फैसला: क्या गरीब कैदियों से छिन जाएगा न्याय का सहारा?

    68,500 Teacher Recruitment: Candidates lay siege to Minister's residence, demanding implementation of reservation orders.

    68500 शिक्षक भर्ती: आरक्षण आदेश लागू करो, मंत्री आवास पर अभ्यर्थियों का घेराव

    Nepal Flood Tragedy: The Most Harrowing Incident of Devastation

    नेपाल बाढ़ त्रासदी: तबाही का सबसे दर्दनाक हादसा

    रक्षाबंधन: परंपरा, पहचान और बाजारवाद का संगम

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Women's hospital to open soon in Tikvapur; auditorium to be built.

    टिकवांपुर जल्द खुलेगा महिला अस्पताल, बनेगा प्रेक्षागृह

    October 3, 2026

    Razorpay के व्यापारी अब बिना कार्ड विवरण दर्ज किए और OTP का इंतज़ार किए ऑनलाइन व स्टोर में Apple Pay स्वीकार कर सकते हैं

    October 1, 2026
    Nyrraa M Banerji’s Glamorous Style in Front of the Camera

    हर फ्रेम में छाईं न्यारा एम बनर्जी, दिखा स्टाइलिश अंदाज

    October 1, 2026
    Aman Sehrawat Receives Major Brand Recognition After Winning Olympic Bronze

    ओलंपिक कांस्य के बाद अमन सहरावत को मिला बड़ा ब्रांड सम्मान

    October 1, 2026
    "Books focus the mind and connect it with traditions" - Brajesh Pathak; Isha-Misha Ratan's Kathak performance captivated the audience

    ‘पुस्तकें मन को एकाग्र कर परंपराओं से जोड़ती हैं’-ब्रजेश पाठक; ईशा-मीशा रतन की कथक प्रस्तुति ने मोहा मन

    October 1, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading