गठिया से संबंधित जीन ने हिमयुग में इंसानों को जिंदा रहने में मदद की

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बोस्टन,  हाल में हुये एक अध्ययन में पाया गया है कि आॅस्टियोआॅर्थराइटिस के खतरे को बढाने और लंबाई घटाने से जुडे एक जीन ने हिम युग के दौर में इंसानों को जिंदा रहने में मदद की।
अमेरिका में स्टेनफोर्ड विश्वविद्यालय और हार्वर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने दिखाया कि जोडों से जुडी इस दर्द देने वाली बीमारी से जुडे होने के बावजूद इस आनुवांशिक प्रकार ने अफ्रीका से बाहर आये इंसानों को ठंडी उत्तरी जलवायु में जिंदा रहने में मदद की।
कम से कम आधे यूरोपीय और एशियाई लोगों में यह आनुवांशिक प्रकार मिलता है जो अफ्रीकी आबादी में अपेक्षाकृत दुर्लभ है।
शोधकर्ताओं ने अनुमान लगाया कि छोटी हड्डियों की वजह से बने एक ज्यादा सुगठित शारीरिक ढांचे से हमारे पूर्वजों को शीतदंश का ज्यादा बेहतर तरीके से सामना करने में मदद मिली और गिरने की वजह से हड्डियों के टूटने का जोखिम भी कम हो गया।
बेहद ठंडे तापमान और बर्फीली सतह से निपटने के लिये इन फायदों से आॅस्टियोआॅर्थराइटिस का खतरा कम हो गया जो आम तौर पर प्रजनन के बाद होता है।

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