मस्जिद में लगातार पानी के रिसाव से निकलने लगी पत्थर की परतें, मदद की दरकार
नई दिल्ली, 15 दिसम्बर। दिल्ली स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद में दरार पड़ने की जानकारी सामने आई है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मुगल शासक शाह जहां की बनवाई इस 361 साल पुरानी मस्जिद में तत्काल मरम्मत की जरूरत है। मस्जिद को देखने के लिए रोज 5000 पर्यटक आते हैं और रोज करीब 1000 लोग नमाज पढ़ते हैं। जानकारी के मुताबिक मस्जिद में लगातार पानी का रिसाव हो रहा है। इससे पत्थर की परतें निकलने लगी हैं और दीवारों से प्लास्टर उखड़ने लगा है। मस्जिद के शाही इमाम सैय्यद अहमद बुखारी का कहना है कि वे इस बारे में प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के साथ ही एसआई को भी कह चुके हैं।

रखरखाव की कमी से मस्जिद को स्थायी नुकसान हो रहा है। इस पर एएसआई प्रवक्ता डीएम दिमरी का कहना है कि मस्जिद के मरम्मत की प्लानिंग चल रही है। फ्लॉरिंग पर आने वाले खर्च का अनुमान लगाया जा चुका है। जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। हालांकि एएसआई का यह भी कहना है कि यह मस्जिद उनके द्वारा संरक्षित किए जा रहे स्मारकों में शामिल नहीं है, इसलिए जामा मस्जिद की मरम्मत और नियमित देखरेख की जिम्मेदारी उनकी नहीं है। वहीं जामा मस्जिद की जिम्मेदारी रखने वाले दिल्ली वक्फ बोर्ड के एक अधिकारी का कहना है कि हमारे पास पर्याप्त फंड नहीं है और इस ऐतिहासिक इमारत की देखभाल के लिए मदद की दरकार है।







